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गर्मी, भूख और प्यास को भूल  तहसील पर उमड़ पड़ा किसानों का सैलाब,

Updated: IST farmers reached tahsil after forgetting Heat, hung
तीन दिन तक टोकन देने का कार्य बंद करने के बाद सोमवार को तहसील कार्यालय में दोबारा टोकन वितरण का कार्य शुरू किया गया। जैसे ही इसकी जानकारी किसानों को लगी तो किसान आधी रात में से ही टोकन लेने के लिए लाइन लगाने तहसील कार्यालय परिसर में पहुंच गए।

शाजापुर. तीन दिन तक टोकन देने का कार्य बंद करने के बाद सोमवार को तहसील कार्यालय में दोबारा टोकन वितरण का कार्य शुरू किया गया। जैसे ही इसकी जानकारी किसानों को लगी तो किसान आधी रात में से ही टोकन लेने के लिए लाइन लगाने तहसील कार्यालय परिसर में पहुंच गए। सुबह जब तक टोकन का वितरण शुरू हुआ उसके पहले तहसील परिसर में हजारों किसान पहुंच चुके थे। इस दौरान किसानों की सुविधा के लिए यहां पर छांव और पानी का इंतजाम किया गया, लेकिन भीड़ ज्यादा होने से छोटे-मोटे विवाद के बाद टोकन वितरण का कार्य किया गया। सोमवार को यहां पर करीब 1500 किसानों को टोकन बांटे गए, शेष किसानों से उनके दस्तावेज जमा करवा लिए गए है।

प्याज विक्रय करने के लिए किसानों की मंडी में लगातार भीड़ बढऩे के बाद जिला प्रशासन ने प्याज के विक्रय के लिए पंजीयन अनिवार्य कर दिया। पंजीयन के बाद किसानों को प्याज के विक्रय के लिए तिथि देकर टोकन जारी किए गए। 15 जून को टोकन का एक बार वितरण करने के बाद टोकन वितरण करना बंद कर दिए गए। इसके बाद भी किसान दूसरे दिन भी टोकन लेने के लिए बड़ी संख्या में तहसील कार्यालय पहुंच गए, यहां पर कुछ देर गहमा-गहमी के बाद सभी किसानों को अगली बार टोकन वितरण करने की बात कहते हुए तहसीलदार ने समझाइश देकर रवाना कर दिया था। सोमवार को टोकन वितरण की जानकारी मिलते ही किसाना अल सुबह से यहां पहुंचने लग गए। कुछ किसानों ने देर रात 3 बजे से ही तहसील कार्यालय के बाहर नंबर लगाना शुरू कर दिया। शाम तक यहां पर करीब 1500 किसानों को प्याज विक्रय के लिए तारिख देकर टोकन बांट दिए गए।

अब तक तौला 1.20 लाख क्विंटल प्याज

समर्थन मूल्य पर शुरू की गईप्याज खरीदी में स्थानीय कृषि उपज मंडी में अभी तक करीब एक लाख 20 हजार क्विंटल प्याज की खरीदी की जा चुकी है। खास बात यह हैकि इसमें से महज 10 हजार क्विंटल प्याज ही मंडी में पड़ा हुआ है, शेष करीब 1 लाख 10 हजार क्विंटल प्याज का परिवहन किया जा चुका है। सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे मंडी में प्याज की खरीदी शुरू की जाकर प्याज को सीधे रैक पाइंटपर पहुंचा दिया गया। दिनभर में यहां पर करीब 225 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर लाए गए प्याज की तुलाईकी गई।

रैलिंग टूटी, धक्का-मुक्की व विवाद होते रहे

किसानों की संख्या लगातार बढऩे के कारण यहां पर हंगामा होता रहा। 6 अलग-अलग काउंटरों पर किसानों को टोकन वितरण के लिए अलग-अलग कतार बनवाई गई थी। इन कतारों के लिए रैलिंग अस्थाईरैलिंग भी जिला प्रशासन की ओर से लगवाईगई, लेकिन यहां पर लाइन में लगे किसानों के बीच धक्का-मुक्की और पल-पल हो रहे छोटे-मोटे विवादों के कारण रैलिंग भी टूट गई। हालांकि प्रशासन ने तत्काल मौर्चा संभालते हुए पुलिस और अन्य कर्मचारियों की मदद से मामलों को शांत करवाकर टोकनों का वितरण कराया। टोकन वितरण की स्थिति का जायजा लेने पहुंची एडीएम मीनाक्षी सिंह ने व्यवस्थाओं के लिए संबंधितों को निर्देश दिए। वहीं किसानों के लिए छांव और पानी की भी व्यवस्था कराई।

अब हर दिन तुलेगा 300 ट्रॉली प्याज

जिला प्रशासन ने 15 जून को टोकन वितरण के बाद रोज मंडी में 200 ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर लाए प्याज की तुलाई के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन सोमवार को एक बार फिर से टोकन के वितरण में हजारों किसानों के पहुंचने से जिला प्रशासन ने प्याज के ट्रेक्टरों की संख्या में इजाफा करते हुए प्रतिदिन 300 ट्रॉली प्याज तुलाई के लिए निर्देश जारी किए है। जारी निर्देशों के बाद मंगलवार से कृषि उपज मंडी में 300 ट्रॉली प्याज प्रतिदिन तौला जाएगा।

कृषि उपज मंडी में अभी तक कुल 1 लाख 20 हजार क्विंटल प्याज खरीदकर इसमें से 1 लाख 10 हजार क्विंटल का परिवहन भी कर दिया गया है। सोमवार को ही 225 ट्रॉली प्याज की तुलाईकरके उसे सीधे रैक में ही लोड करवा दिया गया।

देवीसिंह राठौड़, मैनेजर, मार्केटिंग सोसायटी-शाजापुर

सोमवार को करीब 1500 किसानों को टोकन बांटे गए है, शेष बचे किसानों के दस्तावेज जमा कर लिए गए है। शासन से निर्देश मिलने के बाद शेष किसानों को एसएमएस के माध्यम से सूचना देकर प्याज विक्रय के लिए बुलवाया जाएगा। अब प्रतिदिन मंडी में 300 ट्रेक्टर-ट्रॉली प्याज की खरीदी होगी। टोकन लेने में किसानों को परेशानी न हो इसके लिए छांव और पानी की व्यवस्था की गई थी।

मीनाक्षी सिंह, एडीएम-शाजापुर

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