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भू-वैज्ञानिकों की उपस्थिति में फिर कंपन

Updated: IST earthquake
कुछ दिन शांत रहने के बाद ग्राम मंग्याखेड़ी में भू-कंपन और धमाके फिर शुरू हो जाने से लोगों में फिर एक बार दहशत का माहौल बन गया है।नागपुर से भू-वैज्ञानिकों का एक दल गांव पहुंचा।

सारंगपुर. कुछ दिन शांत रहने के बाद ग्राम मंग्याखेड़ी में भू-कंपन और धमाके फिर शुरू हो जाने से लोगों में फिर एक बार दहशत का माहौल बन गया है। वहीं दूसरी ओर भू-गर्भीय धमाके और कंपन को देखने नागपुर से भू-वैज्ञानिकों का एक दल गांव पहुंचा। उन्होंने अभी तक घटी घटनाओं की जानकारी ग्रामीणों से ली। टीम की मौजूदगी के दौरान भी धमाके होने पर उन्होंने धमाके होने वाले स्थानों पर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धमाकों व भूकंपन को जांचने की मशीन नागपुर में लगी है, उसीसे इस संबंध मे विस्तृत रिपोर्ट मिल सकेगी।
गौरतलब है कि सारंगपुर से 20 किमी दूर उदनखेड़ी के पास पचोर तहसील के ग्राम मंग्याखेडी मे पिछले 15 दिनों से भू-गर्भीय धमाके व भूकंपन की घटना हो रही है। इसे लेकर प्रशासन ने नागपुर से भू-वैज्ञानिकों को बुलवाया था। जांच दल में डॉ. मुकेश वर्मा, भूपेंद्र उरगडे सहित शामिल थे।दल ने गांव मे हो रहे भू-गर्भीय धमाकों व भूकंपन के संबंध में कहा कि ऐसी हलचल जमीन में होती रहती है। जो एक महिने तक चल सकती है।
एसडीएम व भू-जलविद भी पहुचे गांव-घटना को लेकर राजगढ़ जिला खनिज अधिकारी अमित पंडया, भू-जलविद रामगोपाल नागर व एसडीएम लक्ष्मी गामड़ भी गांव पहुंचे। भूजलविद नागर का कहना था जमीन में गेप वाले स्थान पर पानी भरने से वहां मौजूद हवा का प्रेशर जमीन की ऊपरी सतहों पर बनी छोटी दरारों से तेजी से निकलने पर ऐसी घटना होती है।

नहीं हो रही सोयाबीन कटाई
धमाकों से भयभीत ग्रामवासियों के समक्ष एक और समस्या आ खड़ी हुई है। पूर्व सरपंच बाबूलाल परमार, देवीसिंह आदि ने बताया कि खेतों में सोयाबीन पक गई है, लेकिन भूकंपन व धमाकों के कारण कोई भी मजदूर सोयाबीन काटने को तैयार नहीं है। और तो और हार्वेस्टर वाले भी खेतों में जाने को तैयार नहीं हो रहे है। जो इस काम के लिए तैयार हो रहे है वो रेट से चार गुना दाम मांग रहे है।

6 सितंबर से हो रहे धमाके
करीब 1 हजार की आबादी वाले इस गांव में यह घटना 6 सितंबर से हो रही है, लेकिन 14 सिंतबर को थोड़े-थोड़े अंतराल से 4 बार भूकंपन व तेज धमाके होने से गांव के कई मकानों में दरारे आ गई और घरों में रखा सामान गिर गया। दुसरी बार 17-18 सितबंर की रात को 8 बार धमाके होने से तो लोगो में इतनी दहशत पैदा हो गई कि वे परिवार व मवेशियों सहित खुले आसमान के नीचे सो रहे है।

गांव में हो रहे भूकंपन व धमाकों की जानकारी जुटा कर नागपुर ले जाया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही भूगर्भीय हलचल होने का खुलासा किया जा सकेगा।
डॉ.मुकेश वर्मा,भू-वैज्ञानिक, भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, मध्यक्षेत्र-नागपुर

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