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शाजापुर के शहीद को कॉलेज में मिलेगी नई पहचान

Updated: IST shajapur soldier
बारामूला के बंदीपुरा बॉर्डर पर साथियों के साथ पैट्रोलिंग पर निकले थे, तभी आतंकियों में हमले में शहीद हो गए थे शिवदयालसिंह चौहान, जिस कॉलेज में पढ़ा था जवान, अब उसी में लगेगा स्मृति पट्ट, प्रदेश शासन के निर्णय पर शहीद को मिलेगा सम्मान

शाजापुर. देश की रक्षा की खातिर जान गंवाने वाले शहीदों के सम्मान के लिए प्रदेश शासन ने निर्णय लिया है कि जिस भी स्कूल या कॉलेज में शहीद पूर्व में अध्ययन कर चुके हैं, वहां शहीद का स्मृति पट्ट लगाया जाए। इसी क्रम में पुलिस शहीद दिवस पर शुक्रवार को नवीन कॉलेज में शहीद लांस नायक शिवदयालसिंह चौहान का स्मृति पट्ट लगेगा।
नवीन कॉलेज के एनसीसी प्रभारी डॉ. वीपी मीणा ने बताया चौहान का स्मृति पट्ट लगेगा। कॉलेज के मुख्य द्वार के ठीक सामने स्थित मां सरस्वती की प्रतिमा के पास दीवार पर उक्त पट्ट की जगह तैयार कर रहे हैं। डॉ. मीणा ने बताया लांस नायक का स्मृति पट्टी बीएसएफ की ओर से बनाकर भेजा गया है। 21 अक्टूबर को कार्यक्रम में पट्ट लगाकर विमोचन होगा।

अधिकारी व जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि व अधिकारी शामिल होंगे। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार भूतपूर्व विधायक लक्ष्मणसिंह डोडिया के बड़े दामाद लांस नायक चौहान के स्मृति पट्ट पर शहीदी दिनांक भी लिखी है।

आतंकियों से मुठभेड़ के बाद हुए थे शहीद
चौहान के बड़े बेटे विजेंद्रसिंह चौहान ने बताया उनका पैतृक गांव राजगढ़ जिले का रामगढ़ था। यहां से दादा प्रतापसिंह उर्फ रंजीतसिंह चौहान मोहन बड़ोदिया तहसील के कडुला में रहने लगे। विजेंद्रसिंह ने बताया पिता ने शाजापुर के नवीन कॉलेज से बीए किया था। इसके बाद 1975 में बीएसएफ में चले गए थे। उनकी अधिकांश पोस्टिंग बॉर्डर पर हुई। इसी सेवा के दौरान वे नेपाल और इंडोनेशिया में स्थित भारतीय दूतावास में बतौर सिक्योरिटी इंचार्ज भी रहे। इंडोनेशिया से लौटने के बाद पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के बारामूला में हुई थी। 15 जुलाई1994 को बारामूला की बंदीपुरा बॉर्डर पर साथियों के साथ पैट्रोलिंग पर निकले थे। इसी दौरान आतंकवादियों ने माइंस बिछाकर रखी थी। एक माइंस के फटने के बाद लांस नायक ने अपने साथियों के साथ आतंकवादियों का सामना किया। यहां पर मुठभेड़ के दौरान जिस वाहन में लांस नायक चौहान सवार थे वो एक अन्य माइंस पर चढ़ गया। इससे धमका हुआ और वो शहीद हो गए।

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