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शाजापुर में गायों के बीच मुकाबला, कौन देती है ज्यादा दूध

Updated: IST cow compition
सर्वाधिक दूध देने वाली गायों के पालकों को दिए पुरस्कार-गाय की देशी नस्ल के प्रति आकर्षण पैदा करने के उद्देश्य से राज्य शासन की संचालित गोपाल पुरस्कार योजना गत दिनों संपन्न हुई।

शाजापुर. गाय की देशी नस्ल के प्रति आकर्षण पैदा करने के उद्देश्य से राज्य शासन की संचालित गोपाल पुरस्कार योजना गत दिनों संपन्न हुई। प्रतियोगिता में सर्वाधिक दूध देने वाली गायों के पालकों को मंगलवार को कलेक्टर अलका श्रीवास्तव ने पुरस्कृत किया।
कलेक्टर श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य शासन ने देशी नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए यह पुरस्कार योजना प्रारंभ की है। इससे प्रेरित होकर अधिक से अधिक आमजन गाय पालन के प्रति आकर्षित होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के लिए पशुपालन महत्वपूर्ण इकाई है। उन्होंने बताया कि शासन ने गाय की नस्ल सुधारने के लिए भी कार्यक्रम चलाया है। कार्यक्रम के तहत उच्च नस्ल के सीमन से गायों का कृत्रिम गर्भाधान कराया जाता है। इस मौके पर उन्होंने उप संचालक पशुचिकित्सा डॉ. एनएस सिकरवार से कहा कि एक माह तक चलने वाले गोकुल महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ताकि पशुपालकों को पता रहे कि उनके गांव में किस दिन चिकित्सक आएंगे। प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम पंचायत, शासकीय उचित मूल्य की दुकानों एवं आंगनवाड़ी भवनों की दीवारों पर कार्यक्रम लिखवाएं। उपसंचालक सिकरवार ने गोपाल पुरस्कार योजना एवं विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।

मेहरबान सिंह को मिला पहला पुरस्कार
जिला स्तरीय गोपाल पुरस्कार प्रतियोगिता में मेहरबान सिंह पिता पन्नालाल निवासी ग्राम रिंगनीखेड़ा को पहला पुरस्कार प्रदान किया गया। मेहरबान सिंह की मालवी नस्ल की गाय का तीन समय का दूध उत्पादन 18 .965 लीटर प्राप्त हुआ। इसी तरह गिर नस्ल की गाय के 17.415 लीटर दूध उत्पादन के लिए बोलाई के उपेंद्र सिंह पिता विरेंद्र सिंह को द्वितीय तथा गिर नस्ल की गाय के 16.425 लीटर दूध उत्पादन के लिए पिपल्यागोपाल के शिवनारायण पिता बद्रीलाल को तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके साथ ही प्रतियोगिता में शामिल पंचदेहरिया के भूपेंद्र सिंह एवं भारत सिंह, शाजापुर के सुरेंद्र कुमार, दुबडिय़ा के शमितसिंह, निपान्या करजू के पुरुषोत्तम, खेड़ीनगर के देवकरण तथा करजू के संजय को भी गोपालन के लिए सांत्वना पुरस्कार दिया गया। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए, तृतीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपए एवं सांत्वना पुरस्कार के रूप में 5-5 हजार रुपए प्रदान किए गए। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में खंड स्तर पर संपन्न हुई प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाली गायों को सम्मिलित किया गया था। प्रतियोगिता में कुल 10 गाय सम्मिलित हुई थी। इस अवसर पर उपसंचालक कृषि संजय दोशी, व्यापार एवं वाणिज्य विभाग के महाप्रबंधक एसडी जानोरिया, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास डीएस जादौन, पशु चिकित्सक डॉ. लता घनघोरिया, डॉ. एसएन अंबावतिया, डॉ. एमके सिंघल, डॉ. डीएस जाधव, डॉ. केके राय, डॉ. एसके अंबावतिया, उज्जैन दूग्ध संघ प्रबंधक आदि उपस्थित थे।

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