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सचिव प्रशिक्षण केंद्र बना कमाई का जरिया

Updated: IST shivpuri
दो साल में 62 लाख खर्च, तीन कर्मचारियों ने निकाली 13 लाख अग्रिम राशि...

शिवपुरी। फतेहपुर-टोंगरा रोड पर स्थित सचिव प्रशिक्षण केंद्र शिवपुरी को जिम्मेदारों ने कमाई का जरिया बना लिया है। बीते दो साल में यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले भले ही कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए, लेकिन इस केंद्र में 62 लाख रुपए का बजट ठिकाने लगा दिया गया। हद तो तब हो गई, जब केंद्र में पदस्थ कर्मचारियों ने कार्यालयीन कार्य के नाम पर 13 लाख रुपए से अधिक की राशि अग्रिम भुगतान के रूप में निकाल ली। केंद्र का संचालन करने के लिए शासन ने डेढ़ साल पूर्व प्राचार्य को भेज दिया, लेकिन उन्हें आज तक चार्ज नहीं दिया गया। क्योंकि मलाईदार कुर्सी को वे अधिकारी छोडऩे का नाम नहीं ले रहे, जिनका विवादों से पुराना नाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरा मामला उजागर होने के बाद अब जिला पंचायत सीईओ भी ठीक से जबाव नहीं दे पा रहे।

शिवपुरी के सचिव प्रशिक्षण केंद्र में वर्ष 2013 से 2015 में 61 लाख 80 हजार 450 रुपए का बजट खर्च किया गया। केंद्र में खर्च की गई राशि के संबंध में जो जानकारी मिली है, उसमें कुछ ऐसे बिल भी हैं, जिसका उपयोग ही नहीं किया गया और यह बात केंद्र से जुड़े लोग भी मान रहे हैं। प्रशिक्षण केंद्र में पर्याप्त कमरे व बड़े हॉल हैं, जिनमें प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन यहां से 6.77 लाख रुपए का टैंट भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा खाना एवं मिठाई का 9.18 लाख रुपए, कंप्यूटर कार्य भी 1 लाख से अधिक रुपए का कराया जाना बताया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जब भी प्रशिक्षण होते हैं तो न तो पूरे सचिव आते और न ही वे यहां 3 से 5 दिन रुकते। क्योंकि शिवपुरी शहर में ही अधिकांश पंचायत सचिवों के निवास हैं। बावजूद इसके प्रशिक्षण केंद्र में दो साल के अंदर 61.8 0 लाख रुपए का बजट खर्च कर दिया गया।

इस प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी नरेंद्र सिंह नरवरिया हैं, जिनके पास पहले से ही कई अतिरिक्त प्रभार जैसे एडीशनल सीईओ जिला पंचायत, जनपद सीईओ शिवपुरी, सामाजिक न्याय विभाग उप संचालक सहित और भी कुछ प्रभार हैं। प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के पद पर शासन ने डेढ़ साल पहले दिवाकर चित्तले को शिवपुरी भेजा है, लेकिन उन्हें प्रभार न मिलने से वे शिक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। केंद्र का पूरा लेखाजोखा नरवरिया के पास ही है। केंद्र में एक अन्य शिक्षक, प्राचार्य, चौकीदार व वाटरमेन (पानी पिलाने वाला कर्मचारी), एक लेखापाल को जिला पंचायत से अटैच किया है, जबकि जनपद के एक सब इंजीनियर भी यहां अटैच हैं। बता दें कि एनएस नरवरिया कई जगह पदस्थ रहकर न केवल विवादित रहे, बल्कि उनके खिलाफ एक शिकायत लोकायुक्त में भी पेंडिंग है।

नहीं दिया प्रभार

मुझे यहां आए हुए डेढ़ साल हो गया, लेकिन अभी तक प्रभार ही नहीं दिया गया। इसलिए शिक्षक की तरह ही काम कर रहा हूं। अग्रिम राशि निकाल सकते हैं या नहीं, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं। केंद्र पर हॉल व कमरे इतने हैं, टैंट की कभी कोई जरूरत ही महसूस नहीं हुई, न लगाया।

दिवाकर चित्तले, प्राचार्य, सचिव प्रशिक्षण केंद्र शिवपुरी

सभी भुगतान सही हुए

प्राचार्य को प्रभार देने का शासन से ही आदेश नहीं आया। प्रशिक्षण के लिए खाना जिससे मंगवाते हैं, वो मिष्ठान भंडार है, इसलिए बिल उस नाम से बना है। केंद्र में सभी भुगतान ठीक किए गए, कुछ गलत नहीं है।

एनएस नरवरिया, प्रभारी सचिव प्रशिक्षण केंद्र शिवपुरी

मुझे जानकारी नहीं

कर्मचारी अग्रिम भुगतान नहीं निकाल सकते। अब यह देखना पड़ेगा कि किस काम के लिए राशि निकाली है। मुझे इस बारे में अधिक जानकारी नहीं है, फाइल मंगवाकर देखूंगा।

डीके मौर्य, सीईआ जिपं शिवपुरी

उन्हें पता नहीं होगा

प्रशिक्षण केंद्र में कई तरह के छोटे-छोटे खर्चे होते हैं, जिसके लिए अग्रिम राशि निकाल सकते हैं और हमने निकाली है। जिपं सीईओ यदि मना कर रहे हैं, तो शायद उन्हें पता नहीं होगा।

-कैलाशनारायण दुबे, लेखापाल जिपं, अटैच प्रशिक्षण केंद्र

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