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Photo Icon मध्याह्न भोजन में बच्चों को परोसा जा रहा घटिया चावल

Updated: IST sidhi news
शासकीय विद्यालयों में लागू की गई मध्याह्न भोजन व्यवस्था लाख प्रयास के बाद भी पटरी पर नहीं आ रही। कहीं मध्यान्ह भोजन न पकाए जाने की शिकायत मिलती है तो कही मेन्यू की अनदेखी की। साथ ही कई विद्यालयों में घटिया अनाज उपयोग किया जा रहा है।

सीधी शासकीय विद्यालयों में लागू की गई मध्याह्न भोजन व्यवस्था लाख प्रयास के बाद भी पटरी पर नहीं आ रही। कहीं मध्यान्ह भोजन न पकाए जाने की शिकायत मिलती है तो कही मेन्यू की अनदेखी की। साथ ही कई विद्यालयों में घटिया अनाज उपयोग किया जा रहा है।

शासकीय माध्यमिक शाला हड़बड़ो में भी गुरुवार को कुछ ऐसा ही मामला का सामने आया। क्षेत्र भ्रमण पर गए जिला पंचायत सदस्य मनोज भारती को ग्रामीणों ने स्थिति से अवगत कराया।

जिसके बाद वे विद्यालय जाकर हकीकत जानने की कोशिश की। जहां रसोंइयों द्वारा मध्याह्न भोजन पकाने की तैयारी की जा रही थी। बकौल जिपं सदस्य भारती, इसके लिए रखा चावल घटिया किस्म का था। चावल मे छोटी-छोटी सूडिय़ां पड़ी हुई थी। जिप सदस्य मनोज भारती इस चावल का सेंपल लेकर जिला पंचायत पहुंच गए

नान की जिम्मेदारी है

मध्यान्ह भोजन के प्रभारी भूपेंद्र पांडेय को सेंपल दिखाकर इसकी जांच कराए जाने की बात कही गई। मध्यान्ह भोजन प्रभारी द्वारा कहा गया कि समूहोंं को खाद्यान्न नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा उपलब्ध कराया जाता है, यदि चावल घटिया किस्म का है तो यह नान की जिम्मेदारी है, तब इसकी जानकारी प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम को दी गई। सूचना के बाद नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक ने टीम के साथ विद्यालय पहुंचकर खाद्यान्न का जायजा लिया।

बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़

महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं मे मध्यान्ह भोजन पकाया जाता है। लेकिन ज्यादा लाभ अर्जित करने के चक्कर मे स्व-सहायता समूह मध्यान्ह भोजन मे न तो मीनू का पालन कर रहे हैं और न ही साफ-सफाई का। कई जगह तो मध्यान्ह भोजन मे पकाए जाने वाले मध्यान्ह भोजन के चावल दाल आदि की सफाई भी नहीं की जाती है, जिससे चावल दाल मे कीड़े व कंकड़ आदि पाए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इस तरह स्व-सहायता समूह बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

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