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Photo Icon नाप-तौल: दो निरीक्षकों के भरोसे दो जिलों की जिम्मेदारी

Updated: IST sidhi news
जिले में नाप-तौल विभाग कर्मचारियों के अभाव में अपंग बना हुआ है। नतीजा ये है कि वर्ष 2016 में विभाग ने कितनी दुकानों के तराजू व बाटों की जांच व कितनी कार्रवाई की बताने वाला कोई नहीं है। सीधी एवं सिंगरौली जिले का नाप तौल विभाग एक साथ सीधी से संचालित हैं।

सीधी जिले में नाप-तौल विभाग कर्मचारियों के अभाव में अपंग बना हुआ है। नतीजा ये है कि वर्ष 2016 में विभाग ने कितनी दुकानों के तराजू व बाटों की जांच व कितनी कार्रवाई की बताने वाला कोई नहीं है। सीधी एवं सिंगरौली जिले का नाप तौल विभाग एक साथ सीधी से संचालित हैं।

इन दो जिलों के बीच मात्र दो निरीक्षक पदस्थ हैं। जिसमें एक को सिंगरौली व एक को सीधी जिले की जिम्मेदारी है। लेकि संसधन व अमले की कमी का बहाना कर वे जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं

लिहाजा उपभोक्ताओं से तौल के नाम पर लूटजारी है। शहर में गैस रिफलिंग व सब्जी के व्यवसायी खुले तौर पर अमानक पत्थर के बाट बनाकर तौल के लिए उपयोग कर रहे हैं, किंतु विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। इनका सालाना सत्यापन न होने से शासन को राजस्व क्षति भी हो रही है।

बिना वाहन के दौरा

नाप-तौल विभाग में शासन के द्वारा एक भी वाहन की ब्यवस्था नहीं की गई है। निरीक्षक निजी वाहन का प्रयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में वाहन न होने की बात कहकर जिले की दुकानो का निरीक्षण करने मे कोताही बरत रहे हैं। किंतु शहर में संचालित कार्यालय से चंद दूरी पर भी दुकानदारों के द्वारा अमानक पत्थर के बाट का प्रयोग किया जा रहा है किंतु यहां भी निरीक्षण करना मुनासिब नहीं समझा जा रहा है।

फैक्ट-फाइल

सीधी व सिंगरौली जिले के बीच एक नाप-तौल विभाग

सीधी में एक व सिंगरौली में एक मात्र नाप-तौल निरीक्षक

दो लिपिक जो सीधी व सिंगरौली के बीच एक-एक का बंटवारा

दो जिलों के बीच एक भृत्य पदस्थ

विभाग के पास नहीं है एक भी शासकीय वाहन

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