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महंगे उपहारों के लालच में दोबारा फेरे लेने की फिराक में जोड़े, 40 % शहरी मिले अपात्र

Updated: IST Marriage
मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन, 2700 जोड़ों का विवाह होने का किया जा रहा दावा, 22 मई को मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन होने जा रहा है।

सिंगरौली। 22 मई को मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें न केवल सरकारी खर्च पर विवाह होगा बल्कि वधू को नकदी के साथ महंगे उपहारों से नवाजा जाएगा। बस, इसी लालच में कुछ लोग दोबारा फेरे लेने से भी नहीं चूक रहे है। जिला प्रशासन की ओर से सम्मेलन के लिए करीब 2700 जोड़ों का विवाह होने का दावा किया जा रहा है। जबकि नगर निगम द्वारा पंजीकृत जोड़ों की छंटनी में 40 फीसदी आवेदन पत्र सम्मेलन की शर्तों के प्रतिकूल पाए गए अर्थात इन जोड़ों का विवाह नहीं हो सकेगा।

नगर निगम के विभिन्न वार्डों से कलेक्टर शिवनारायण सिंह चौहान के निर्देशानुसार सम्मेलन के लिए विवाह योग्य जोड़ों के आवेदन पत्र मंगवाए गए थे। इसके तहत कुल 142 आवेदन पत्र जमा कराए गए। चूंकि पार्षदों के सत्यापन के बाद ही आवेदन पत्र भरे गए थे अत: आंखें मूंदकर जिले की सूची में सूचीबद्ध कर दिया गया।

57 जोड़े अपात्र निकले

हालांकि पार्षदों ने अपने वार्ड के जोड़ों का वेरिफिकेशन कर आवेदन पत्र भेजा था। बावजूद निगम प्रशासन को भरोसा नहीं हुआ और एक टीम दस्तावेजों के सत्यापन के लिए लगा दी गई। सत्यापन का नतीजा देखकर टीम सदस्य भी भौचक्के रह गए क्योंकि कुल 142 में से 57 जोड़ों के दस्तावेज अपात्र पाए गए थे।

किसी में युवती तो किसी में युवक नाबालिग

दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान करीब तीन दर्जन से अधिक आवेदन पत्रों के आधार पर किसी में विवाह करने वाले युवक 21 तो किसी में युवती की उम्र 18 वर्ष से कम निकली। इसके चलते मौके पर ही उनके अभिभावकों को जवाब दे दिया गया।

सवाल-जवाब में सामने आए मामले

रोचक बात यह है कि आवेदन पत्रों में से कइयों में आधार कार्ड में संबंधित युवती के पति का नाम अंकित पाया गया। उक्त कार्ड भी दो से तीन साल पुराने बताए गए है। इसी प्रकार कुछ ने लिव इन रिलेशनशिप का तोड़ निकालकर फिर से विवाह बंधन में बंधने का प्रयास किया लेकिन टीम के समक्ष उनकी एक न चली और क्रॉस क्वेश्चन में सच्चाई सामने आ गई।

टीम की रिपोर्ट पर निरस्त

टीम ने देर रात तक आवेदन पत्रों की छंटनी की। इस दौरान बड़ी संख्या में जोड़ों के दस्तावेज तथा शपथ पत्र सम्मेलन की शर्तों के प्रतिकूल पाए गए। इस स्कूटनी के बाद नगर निगम की ओर से जिला पंचायत को अपनी संशोधित रिपोर्ट भेजी गई। इसमें मात्र 87 जोड़ों का सम्मेलन में विवाह करवाने को हरी झंडी दी गई।

गांवों के हालात खराब

शहरी क्षेत्र में जोड़ों के वेरिफेशन के बाद जो सच सामने आया। उसे देखते हुए ग्राम पंचायतों के जरिए पंजीयन होने वाले जोड़ों में अपात्रता की स्थिति और भी बुरी हो सकती है क्योंकि वहां के जोड़ों का बाद में किसी भी प्रकार का सत्यापन नहीं किया गया।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह में अपात्र जोड़ों का किसी भी प्रकार से विवाह नहीं हो पाए। इसके लिए अपात्रता की पुख्ता सूचना देने वालों के लिए 5000 रुपए का पुरस्कार रखा है। उक्त राशि शपथ पत्र देने वालों से ही वसूली जाएगी।

शिवनारायणसिंह चौहान, जिला कलेक्टर सिंगरौली

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