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Photo Icon कोर्ट: डकैती के सरगंना को दस साल की कैद

Updated: IST singrauli news
न्यायालय ने पुजारी पर हमला कर नकदी लूट के मामले में गिरोह के सरगना को 10 साल का कारावास व जुर्माना सुनाया है। न्यायाधीश उमेशचंद्र मिश्र ने गुरुवार को अपने निर्णय में सरगना कचनी निवासी हीरासिंह उर्फ धर्मेन्द्रसिंह (35) पुत्र रामनारायणसिंह को दोषी करार दिया।

सिंगरौली अपर सेशन न्यायालय ने पुजारी पर हमला कर नकदी लूट के मामले में गिरोह के सरगना को 10 साल का कारावास व जुर्माना सुनाया है। न्यायाधीश उमेशचंद्र मिश्र ने गुरुवार को अपने निर्णय में सरगना कचनी निवासी हीरासिंह उर्फ धर्मेन्द्रसिंह (35) पुत्र रामनारायणसिंह को दोषी करार दिया। चूंकि घटना में पांच से अधिक लोग लिप्त थे अत: पुलिस ने वारदात को डकैती माना।

मामले के अनुसार भकुआर निवासी इंद्रजीत पाण्डेय ने 14 अक्टूबर 2008 की देर रात बैढऩ थाने में रिपोर्ट दी कि वह पूजा पाठकर सिंगरौली से अपने घर लौट रहा था। घर के पास पहुंचा तो रास्ते में कचनी निवासी हीरासिंह अपने साथियों प्रयागलाल(20) पुत्र जयराम कुशवाहा, रामसिंह खैरवार (20) पुत्र महेश्वर, रामनोहर (40) पुत्र रामशरण, धनराजपाल (35) पुत्र रामपाल व उसके भाई धनपदपाल (38) के साथ मिला।

तलाशी ली और 2100 रुपए निकाल लिए

वे लोग लाठियों से लैस थे। वह कुछ समझ पाता, इससे पहले ही हीरासिंह ने पैसे की मांग करते हुए उसका गला पकड़ लिया। इस दौरान उसके साथियों ने उसके झोले व जेब की तलाशी ली और 2100 रुपए निकाल लिए तथा लाठियों से हमला कर उसे चोटिल कर दिया। पुलिस ने चूंकि अपराधी पांच से अधिक थे अत: प्रथम दृष्टया मामला डकैती का मानते हुए भादसं. की धारा 395 के तहत प्रकरण दर्ज किया।

अन्य साथी दोष मुक्त

अपर लोक अभियोजक बीएम शाह ने प्रकरण में जरूरी तथ्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायाधीश मिश्र ने गुरुवार को अपने निर्णय में हीरासिंह को धारा 395 के अधीन दोषसिद्ध माना जबकि उसके साथियों को दोष मुक्त करते हुए कहा कि उनकी जमानत व मुचलके धारा 437 ए के प्रयोजनार्थ आगामी 6 माह की अवधि के लिए प्रभावी रहेंगे। इसके बाद वे उन्मोचित हो जाएंगे।

10 साल कारावास व 5 हजार रुपए जुर्माना

दोषी हीरासिंह की सजा के विषय में कहा कि अभियुक्त का यह कृत्य पूरे समाज को भयभीत करने वाला था अत: ऐसी स्थिति में उदारता बरतना उचित नहीं है। न्यायाधीश ने गिरोह के सरगना हीरासिंह को धारा 395 के अंतर्गत 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रुपए के जुर्माने से दण्डित किया। अपील अवधि पश्चात जुर्माना राशि में से 1500 रुपए धारा 357 के तहत बतौर प्रतिकर इंद्रजीत को दिलाने का भी आदेश दिया।

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