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Video Icon नैमिष महोत्सव में समापन पर हुई अष्टकोणीय महाआरती, मंडलायुक्त रहे मौजूद

Updated: IST Naimish Mahotsav
नैमिषारण्य में 27 नवम्बर से आयोजित हो रहे नैमिष महोत्सव में जिस प्रथा की पहली बार शुरुआत हुई वह है अष्टकोणीय महाआरती

सीतापुर. नैमिषारण्य में 27 नवम्बर से आयोजित हो रहे नैमिष महोत्सव में जिस प्रथा की पहली बार शुरुआत हुई वह है अष्टकोणीय महाआरती। अष्टम बैकुंठ में नैमिष महोत्सव के आयोजन के पहले दिन से ही वाराणसी की तर्ज पर आरम्भ हुई अष्टकोणीय आरती बुधवार को समापन के दिन भी बेहद उल्लास और सैकड़ों दियों की रौशनी के बीच संपन्न हुई। इस दौरान लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त भुवनेश कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे।

दरअसल महाआरती का यह आयोजन विशेष तौर पर 27 नवम्बर से ही शुरू हो गया था। खास बात यह है कि इसके लिए कई दिनों से तैयारियां की जा रही थी। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी की मौजूदगी में कई बार इस महाआरती का रिहर्सल किया गया। वाराणसी के तर्ज पर आरती करने की पूरी कोशिश की गयी। आरती की शुरुआत 27 नवम्बर से वाराणसी के ब्राम्हणों की मौजूदगी में की गयी। नैमिष महोत्सव के समापन के अवसर पर अष्टकोणीय महाआरती को देखने के लिए काफी तादाद में लोग चक्रतीर्थ पहुंचे और महाआरती का आनन्द लिया। वहीं महाआरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के सभी आलाधिकारी मौजूद रहे।

नैमिषारण्य में अब रोज होगी अष्टकोणीय आरती

नैमिष महोत्सव के आयोजकों की माने तो नैमिषारण्य में अब महोत्सव के बाद भी अष्टकोणीय महाआरती रोजाना होती रहेगी। महोत्सव के आयोजकों की माने तो इसको लेकर यहां के ब्राम्हणों को खास तौर पर प्रशिक्षण दिया गया है। ऐसे में वाराणसी की तरह नैमिषारण्य भी अष्टकोणीय आरती रोजाना करने वाला धार्मिक स्थल हो जायेगा।

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