Some little known fact about Google

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बिन गूगल सब सून, जानें गूगल के रोचक फैक्ट्स

Some little known fact about Google

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Some little known fact about Google
9/7/2013 9:23:00 AM
Some little known fact about Google
जयपुर। सोचिए अगर आज गूगल न होता को हमारी दुनिया कितनी सूनी होती। इंटरनेट चालू करते ही हम सबसे पहले गूगल को तलाशते हैं। गूगल का इतना इस्तेमाल करने के बाद भी गूगल के बारे में ऎसी कई बातें हैं जिनके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते। जानें गूगल के 15 रोचक फैक्ट्स-
1. क्या आप जानते हैं कि एंड्रॉइड के संस्करणों का नाम हमेशा डजर्ट या मिठाई के नाम पर ही क्यों होता है?
कपकेक, डोनट, इक्लेयर, फ्रोयो, जिंजरब्रेड, जेलीबीन, हनीकॉम्ब, आईसक्रीम सैंडविच और एंड्रॉइड का नया वर्जन है किटकैट। एल्फाबेटिकल ऑडर में रखे जा रहे इन नामों के पीछे का राज गूगल के वक्ता रेन्डल सराफा ने बताया, "यह थोडी रहस्यमय बात है लेकिन यह कहा जा सकता है कि यह टीम का डिसीजन होता है।"
2. गूगल डूडल
गूगल ने पहली बार 1998 में गूगल के लोगो में बदलाव के वक्त डूडल लगाया था। इस डूडल में बर्निग मैन फेस्टिवल सेलिबे्रशन को दर्शाया गया था। आर्केड गेम पैक-मैन की 30वीं वर्षगांठ पर मई 2012 में गूगल ने पहला इंटरेक्टिव डूडल बनाया था। इसके बाद इसी साल के अंत में गूगल ने पहला एनिमेटिड गूगल डूडल पेश किया। यह मौका था जॉन लेनन का 70वां जन्मदिन का।

3. गूगल एक्विजीशंस
वर्ष 2010 के बाद से गूगल ने हर साल औसतन एक कंपनी को ओवटेक किया है। 2010 में गूगल ने सबसे पहले नेक्स्ट ईरा एनर्जी रिसोर्सेज नामक कंपनी को खरीदा था। इसके बाद ग्लोबल आईपी सॉल्यूशन, एडमॉब, एंड्रॉइड, मोटोरोला मोबिलिटी, क्विकऑफिस और बहुत सारी कंपनियों को गूगल खरीद चुका है।

4. गूगल को बेचने का प्रस्ताव
पेज और ब्रिन गूगल को 1 मिलियन डॉलर में बेचना चाहते थे और वे इसका प्रस्ताव लेकर एक्साइट के सीईओ जॉर्ज बेल के पास भी गए थे,लेकिन उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया था। बाद में एक्साइट के एक वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला के 750000 डॉलर में ब्रिन और पेज के साथ नेगोशिएट करने पर बेल ने उनकी निंदा भी की थी।
5. गूगल के शेफ के पास 150 कर्मचारी
गूगल ने नवंबर 1999 में शेफ चार्ली एयर्स को पहले इन हाउस शेफ के रूप में नियुक्त किया था। इस समय कंपनी में केवल 40 कर्मचारी थे। 2006 में चार्ली ने गूगल छोड़ दिया तब उनके अंडर 5 शेफ और 150 कर्मचारियों की टीम थी। यह टीम सीए स्थित माउंटेन व्यू में कंपनी के हैडक्वार्टर कैम्पस में बने 10 कैफेज में 4000 लोगों को रोज लंच और डिनर सर्व करते थे।

6. गूगल आईपीओ ने बनाया कर्मचारियों को लखपति
2004 में जब कंपनी को पब्लिक किया गया तब करीब 1000 कर्मचारी लखपति बन गए।
7. गूगल के ग्रीन डाटा सेंटर
काउंसिल ब्लफ्स के अंदर लोवा डाटा सेंटर 115000 स्'ायर फीट से भी ज्यादा के एरिया में फैला है। गूगल के पास ऎसे 9 और डाटा सेंटर्स हैं। यह डाटा सेंटर्स गूगल की गूगल सर्च, गूगल प्लस, जीमेल, गूगल क्लाउड आदि जैसी इंटरनेट सर्विसेज को चलाने में काम आते हैं। जॉर्जिया के डाटा सेंटर में सर्वर्स को ठंडा रखने के लिए गूगल ने इवेपोरेटिव कूलिंग सिस्टम भी लगाया है। गूगल इसके लिए समुद्र के पानी का भी इस्तेमाल करता है। यह पहली बार है कि गूगल रीसाइकल किया हुआ वेस्ट वॉटर अमरीका स्थित डाटा सेंटर के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
8. आईएम फीलिंग लकी

गूगल का पहला ऑफिशियल ट्वीट "आईएम फीलिंग लकी" था। यूजर्स को सीधे उनकी सर्च के पहले जिल्ट पर लेजाने वाला आईएम फीलिंग लकी बटन हर साल गूगल को 100 मिलियन डॉलर का पड़ता है।
9. जीमेल
16 दिसंबर 2005 को पहली बार रिलीज हुआ जीमेल आज 50 से ज्यादा भाषाओं में उपलब्ध है। जीमेल का आइडिया राजन सेठ ने गूगल में इंटरव्यू देते वक्त दिया था। इसे पॉल बुच्चे ने डवलप किया। पहले इसे केवल गूगल कर्मचारियों के इस्तेमाल के लिए बनाया गया थाख् बाद में गूगल ने पब्लिक कर दिया।
10. गूगल को राइवल कंपनियां भी देती हैं पैसे
लगभग गूगल की सभी राइवल कंपनियां गूगल को मोटी रकम चुकाती हैं। मोजिला अपने वेब ब्राउजर फायरफॉक्स पर डिफॉल्ट सर्च इंजन गूगल रखने के लिए सालाना 300 मिलियन डॉलर गूगल को अदा करता है। ऎसा ही एप्पल के साथ थी है। वह गूगल मैप्स का इस्तेमाल करने के लिए गूगल को मोटी रकम देता है। इसके अलावा याहू और माइक्रोसॉफ्ट भी गूगल सर्विसेज पर निर्भर होने के लिए मोटी रकम चुकाते हैं।

11. गूगल के स्लोगन
गूगल का अनऑफिशियल स्लोगन है "डोंट बी इविल"
12. फाउंडर्स हुए मालामाल
गूगल के फाउंडर्स लैरी पेज और सर्जी ब्रिन के पास कंपनी का 16 फीसदी स्टेक है यह करीब 46 बिलियन डॉलर है।
13. कैप्चा
गूगल कम्प्यूटर को टेक्स्ट पढ़ाने के लिए कैप्चा का इस्तेमाल करता है। लगभग 200000 मिलियन कैप्चा हर रोज हल किए जाते हैं।
14. गूगल डाटा
गूगल का सर्च इंडेक्स 100 मिलियन गीगाबाइट जितना बड़ा है। इतने डाटा को सम्भालने के लिए एक-टेराबाइट की 100000 पर्सनल ड्राइव्ज की जरूरत होगी।
15. द मिसलेनी
गूगल का मेन पेज इतना सादा इसलिए है क्योंकि ब्रिन और पेज को एचटीएमएल नहीं आता। लंबे समय तक गूगल पर सब्मिट बटन भी नहीं था। गूगल एकमात्र कंपनी है जिसका मकसद लोगों का वेबसाइट पर समय बिताना कम कर ही लक्ष्य है।
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