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अब आंगनवाडिय़ों को गोद देगी हरियाणा सरकार

Updated: IST Khattar government decreased  two wheeler permit f
हरियाणा में चल रही आंगनबाडिय़ों को पी.पी.पी. मोड पर चलाने की योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है

चंडीगढ। एक तरफ जहां हरियाणा सरकार प्रदेश के स्कूलों को पी.पी.पी मोड पर चलाने की योजना बना रही है वहीं प्रदेश में चल रही आंगनबाडिय़ों को पी.पी.पी. मोड पर चलाने की योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। सरकार ने इस योजना को चलाने से पहले सोनीपत जिले में निजी क्षेत्र की एक कंपनी के माध्यम से ट्रायल भी लिया था। यह सफल होने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

हालांकि विभाग ने किसी प्रकार के सियासी विवाद से बचने के लिए इस योजना का नाम हमारी फुलवारी रखते हुए कहा है कि इसके माध्यम से विकास हेतु आंगनवाड़ी केंद्र को गोद दिया जाएगा। योजना के अनुसार प्रदेश में कहीं पर भी आंगनवाड़ी को गोद लेकर उसमें भवन निर्माण, तकनीकी सुविधाएं अथवा कौशल विकास क्षेत्र में अपना योगदान दिया जा सकता है।

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री कविता जैन ने हरियाणा में संचालित हो रही 25 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को बहुआयामी तरीके से बेहतर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री के समक्ष एक प्रस्ताव पेश किया था। जिस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब प्रदेश में संचालित हो रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लिया जा सकेगा। इन केंद्रों को गोद लेने वाले शख्स को एक लाख रूपए से अधिक राशि किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र को बेहतर बनाने के लिए खर्च करनी होगी।

इससे न केवल संबंधित व्यक्ति के सामाजिक विकास में योगदान की भावना को मजबूती मिलेगी, वहीं आंगनवाड़ी केंद्रों को जनभागीदारी के साथ सुधारने से अच्छा संदेश समाज में जाएगा। आंगनवाड़ी को गोद लेने वाले शख्स का नाम आंगनवाड़ी केंद्र में लगने वाले शिलापट्ट पर लिखा जाएगा। विभाग दानदाता को प्रमाण पत्र देते हुए जिला स्तरीय सरकारी कार्यक्रम में आमंत्रित भी करेगा। इसके साथ-साथ विभाग की वेबसाइट पर अभिस्वीकृति पत्र प्रदान किया जाएगा।

हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र के मजबूत भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए हमारी फुलवारी योजना को शुरू किया गया है। आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यरत आंगनवाड़ी कर्मचारी/सहायक को पूर्व बचपन शिक्षा और देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य शिक्षा व नौनिहालों व महिलाओं के अधिकार पर क्षमता विकास के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।

आंगनवाड़ी केंद्रों में कौशल विकास के लिए तकनीकी निवेश किया जा सकेगा। इसमें पंचायत, पालिकाएं, व्यक्तिगत व्यक्तित्व, कारपोरेट क्षेत्र चयनित आंगनवाडियों में अपना योगदान दे सकेंगे।

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