Patrika Hindi News

मेहनत और सफलता: एक व्यक्ति जिसने 30 सालों में अकेले ही खड़ा कर दिया न्यूयॉर्क सेंट्रल पार्क से भी बड़ा जंगल

Updated: IST The Man Who Grew A Forest Larger Than New York
एक अकेला इन्सान क्या कुछ नहीं कर सकता, इसका सहीं जवाब जादव मोलाई जी के जीवन से हमें मिलता है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और ज़िद से अपनी दुनिया का नक्शा बदल दिया

आसाम: किसी भी व्यक्ति के लिए यह एक गौरवान्वित क्षण हो सकता है जब उसके नाम से कोई सड़क, इमारत या कुछ और बना दिया जाए। वहीँ अगर एक सम्पूर्ण जंगल का नाम ही किसी के नाम पर रख दिया इससे बड़ा गौरवशाली क्षण उस व्यक्ति के लिए नहीं हो सकता।

ऐसे ही एक जंगल का नाम जादव मोलाई पयांग के नाम से रखा गया है, उस जंगल का नाम है 'मोलाई' जंगल, क्योंकि 1,360 एकड में फैले इस जंगल का एक एक पेड़ और पौधा जादव मोलाई ने अपनी मेहनत और अपने हाथों से उगाया है। अब उनके इस जंगल में बंगाल बाघ, भारतीय गैंडे, और 100 से अधिक हिरण और खरगोश है। वानर और गिद्धों की एक बड़ी संख्या सहित कई किस्मों के पक्षियों का घर बन गया है यह मोलाई जंगल।

forest

एक अकेला इन्सान क्या कुछ नहीं कर सकता, इसका सहीं जवाब जादव मोलाई जी के जीवन से हमें मिलता है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और ज़िद से अपनी दुनिया का नक्शा बदल दिया । जहाँ सुखी ज़मीन थी वहाँ अपने परिश्रम और प्रबल मनोबल से 1,360 एकड में अकेले अपने बलबूते जंगल बना दिया।

Image result for जादव मोलाई पियांगजादव को ऐसा करने की प्रेरणा उनके बचपन में मिली। दरअसल जादव मोलाई आसाम के जोरहट ज़िला के कोकिलामुख गाँव के रहने वाले है । यह बात है 1979 की जब उनकी उम्र तकरीबन 16 साल की थी, इस वक्त उनके गाँव में भयानक बाढ़ आई जिसके कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले बहुत सारे सांप मारे गए, जादव को इस बात से बहुत आघात पहुंचा। तब उन्होंने ठान लिया की कुछ ऐसे पौधे बोएगें जो आगे जाकर एक अच्छे जंगल में परिवर्तित हो और वन्य जीवों का संरक्षण भी हो सके।

molai forest

जादव ने वहां जंगल बनाने की इच्छा को गाँव के लोगों के साथ शेयर किया, लेकिन गाँव वाले इस बात को लेकर तैयार नहीं हुए क्योंकि बिना किसी सरकारी मदद के यह असंभव सा लगने वाला। हार मानने वाले जादव ने इसके बाद वन विभाग से संपर्क किया लेकिन वहां से भी उन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी।

Image result for jadav payeng forest man

जादव ने फिर भी हार नहीं मानी और अकेले ही अपने इस असंभव से दिख रहे काम को संभव बनाने में जुट गए। सबसे पहले उन्होंने 20 बांस लगा कर इसकी शुरुआत की, जिसके बाद वो लगातार और पेड़-पौधे लगाते गए। लगातार 30 सालों तक कड़ी मेहनत और आत्मविस्वास के साथ किये गए परिश्रम का नतीजा यह हुआ कि वहां 1,360 एकड़ का घना जंगल तैयार हो गया।

Image result for jadav payeng forest man

प्रकृति के इस अनुकरणीय योगदान के लिए उन्हें देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जेएनयू ने सम्मान देते हुए उन्हें Forest Man of India नाम से नवाज़ा। जादव को उनकी इस अनुकरणीय सेवा के लिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और वर्तमान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है.

Related imageजादव मोलाई का जीवन ही एक संदेश है, और हमें बहुत प्रेरित भी करता है अगर ठान ले ज़िद जितने की तो औकात नहीं मुश्किलों की हमें रोकने की ।

अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???