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 टेक्नोलॉजी डेः जानिए कैसे इस दिन से जुड़ा है भारत का स्वाभिमान

Updated: IST technology
आज देशभर में राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी डे मनाया जा रहा है।आज के ही दिन भारत ने अमरीका के तमाम प्रतिबंधों को दरकिनार कर परमाणु परीक्षण किया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी की बदौलत आज हम परमाणु संपन्न राष्ट्र हैं।

नई दिल्ली. आज यानी 11 मई को राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी डे है। देशभर में राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी दिन भारत ने राजस्थान के पोखरन में परमाणु बम का पहली बार परीक्षण किया था। इसके बाद से हर साल 11 मई को मनाया जाने वाला 'राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस' की शुरुआत 1998 से हुई। प्रत्येक साल इस दिवस को अलग-अलग थीम से मनाया जाता है। इस दिन देश गर्व के साथ अपने महान वैज्ञानिको की उपलब्धियों को याद करता है और जश्न मनाता है।

परमाणु परीक्षण के लिए मोदी ने की वाजपेयी के साहस की प्रशंसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए पोखरण परमाणु परीक्षण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी जगह कोई कमजोर प्रधानमंत्री होता तो वह डर जाता । प्रधानमंत्री ने आज ट्वीट करके कहा कि पोखरण परीक्षण ने विश्व को भारत की ताकत का अहसास कराया था । मोदी ने एक भाषण में कहा कि पहला परीक्षण करने पर विश्व समुदाय ने भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन, वाजपेयी ने 13 मई 1998 को दूसरा परीक्षण करने को कहा । पूर्व प्रधानमंत्री ने साबित कर दिया था कि वे किसी और मिट्टी के बने हैं । मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर सभी को खासकर मेहनती वैज्ञानिकों को बधाई हो । हम अपने वैज्ञानिकों और तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व के प्रति आभारी है जिन्होंने 1998 में पोखरण में साहस दिखाया'।

पर्यावरण की कीमत पर न हो नवाचार : प्रणव
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने गुरुवार को प्रौद्योगिकी के माध्यम से टिकाऊ एवं समावेशी विकास विकास की जरूरत को रेखांकित किया। उन्कहोंने कहा कि नवाचार पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए। मुखर्जी ने यहां विज्ञान भवन में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी विकास पुरस्कारों के वितरण के बाद कहा कि नवाचार पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए। प्रौद्योगिकी में सर्वश्रेष्ठता की होड़ में नैसर्गिक पर्यावरण की रक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि सतत एवं समावेशी विकास के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल समय की जरूरत है और इस जगह वैज्ञानिक, वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थानों, उद्योग एवं नवाचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। रोजगार सृजन और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल जरूरी है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमें यह विचार करने की आवश्यकता है कि कहीं प्रौद्योगिकी का लाभ चुनिंदा सेक्टरों तक सीमति तो नहीं है। ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में चुनौतियों से निपटने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने इन क्षेत्रों में क्रांतिकारी नवाचार का आह्वान किया। उन्होंने भारत को ताकतवर वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए निजी एवं सरकारी क्षेत्रों को मिलकर काम करने की सलाह दी।

जानिए कैसे बदल रहा है जमाना
आधुनिक टेक्नोलॉजी का खेल सिर्फ एक बटन दबाने का है। आपको इस जमाने में एक बटन दबाने मात्र से ही सब कुछ हाजिर हो जाता है, जो आप चाहते हैं। एक क्लिक करने से आपकी टिकट बुक हो जाती है। एक बटन दबाने मात्र से आपको लिफ्ट आपकी मर्जी के अनुसार ऊंची-ऊंची बिल्डिंगों में पल भर में पहुंच जाते हैं। एक क्लिक करने मात्र से करोड़ों और अरबों रुपए इधर से उधर हो जाते हैं। टेक्नोलॉजी के इस दौर में एेसा कोई काम नहीं, जो घर बैठे करना संभव न हो।

मोबाइल पर सब कुछ उपलब्ध
आज के जमाने में आप कहीं भी रहें लेकिन आपको सब कुछ देखने को मिल जाएगी। जैसे आप मोबाइल पर फिल्म और धारावाहिक भी देख सकते हैं। यहीं नहीं आप मोबाइल में संगीत भी सुन सकते हैं। आधुनिक टेक्नोलॉजी की बदौलत ही आप मोबाइल पर न्यूज देख और पढ़ भी सकते हैं। अगर आपको कोई चीज खरीदना हो तो आप इंटरनेट पर जाइए और घर बैठे हासिल कर लीजिए। मोबाइल पर आप देश-विदेश में बैठे लाइव बात भी कर सकते हैं।

एप ने काम किया आसान
आधुनिक टेक्नोलॉजी की बदौलत ही मोबाइल पर अब नए-नए एप आ गए हैं। जिसकी वजह से लोगों का देश-दुनिया से जुड़ना और आसान हो गया है। मोबाइल एप की बदौलत ही लोग घर बैठे शॉपिंग कर ले रहे हैं। इसकी बदौलत ही लोग सोशल मीडिया पर दिन-रात एक्टिव रहते हैं। आधुनिक टेक्नोलॉजी की ही देने है कि आप घंटों में देश-दुनिया की सैर कर लेते हैं। मोबाइल पर ऐसा कोई चीज नहीं है जो आपके हाथों से दूर हो।

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