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नर्सरी लगवाकर 300 Worker's की हड़प ली खून-पसीने की कमाई, घर का काम भी करवाया

Updated: IST workers who reached to complaint Collector
300 मजदूरों के 4 लाख 50 हजार रुपए का नहीं हुआ है भुगतान, दो हजार हाजिरी का 8 माह से लम्बित है मजदूरी भुगतान, कलक्टर से शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत

सूरजपुर. लगभग 8 माह पूर्व वन विभाग द्वारा ग्राम धरमपुर के सोनगरा नाला के समीप ग्रामीण मजदूरों से रोपणी तैयार कराई गई थी। मजदूरों से कार्य कराने के बाद लगभग 200 मजदूरों की 10-10 दिन की मजूदरी का भुगतान वन अधिकारी द्वारा नहीं किया गया। अपनी पसीने की कमाई के लिए मजदूरों ने कई मर्तबा कलक्टर से भी मुलाकात की।

लेकिन कलक्टर को दिये गये आवेदन पर भी कोई पहल नहीं हुई। इस संबंध में धरमपुर- बुंदिया के मजदूरों ने सूरजपुर पहुंच कर बताया कि सोनगरा नाला के समीप वन विभाग द्वारा पौधा तैयार कराने का कार्य उनसे कराया गया था। यहां के प्रभारी वन अधिकारी रामेश्वर प्रसाद मिश्रा द्वारा 225 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी तय की थी।

इस कार्य में क्षेत्र के 300 से भी अधिक मजदूर लगे थे। पौधारोपण का कार्य करा लेने के बाद रोजगार गारंटी के हाजिरी रजिस्टर में नाम-पता व हस्ताक्षर लेने के उपरांत विभाग से राशि न मिलने की बात कहकर मजदूरी का आज तक भुगतान नहीं दिया गया। 2000 हाजिरी का लगभग 4.5 लाख रुपए की मजदूरी भुगतान लम्बित रहने से ग्रामीण मजदूर परेशान हंै।

कई शासकीय दफ्तरों के चक्कर काटे

अपनी पसीने की कमाई के 4.5 लाख रुपए के भुगतान के लिए गरीब मजदूरों ने केवल कलक्टर व एसडीएम के समक्ष ही गुहार नहीं लगाई। बल्कि उम्मीदों के सहारे उन्होंने वन मण्डलाधिकारी, पुलिस थाना, श्रम कार्यालय और विभिन्न जन प्रतिनिधियों के घर व कार्यालय के दरवाजे भी खटखटाए और अपनी मजदूरी भुगतान कराने की गुहार लगाई।

लेकिन कागजों में हाजिरी के नाम पर भुगतान रजिस्टर पर हस्ताक्षर करा लेने वाले वन अधिकारी के विरूद्ध न तो अब तक कार्रवाई हुई और न ही मजदूरों की लम्बित मजदूरी का भुगतान कराया गया। मजदूर अब अपनी व्यथा किसे सुनाएं उनके समझ में ही नहीं आ रहा है।

रोजगार गारंटी पर रखे मजदूर व काम कराया घर का

लम्बित 8 माह की मजदूरी भुगतान के लिए कलक्टर से मिलने पहुंचे मजदूर भज्जू राम, रमेश गुप्ता, तीजू राम, शिवलाल, कमल प्रसाद, हीरालाल, श्यामलाल, जवाहर, परमेश्वर व लाल साय समेत अन्य ने बताया कि वन विभाग के दरोगा रामेश्वर प्रसाद मिश्रा ने नर्सरी तैयार करने हेतु रोजगार गारंटी मद से मजदूरों को रखकर अपने घर में काम कराया जाता था।

फर्जी मस्टर रोल तैयार करने, गोबर खाद की अधिक मात्रा दर्शाकर शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया गया है, जिसकी जांच भी आवश्यक है।

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