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सिटी बस कॉन्ट्रेक्ट रद्द होगा

Updated: IST surat
सिटी बस का कॉन्ट्रेक्ट हासिल करने के बाद पालिका प्रशासन के लिए सरदर्द बनी ठेकेदार फर्म का कॉन्ट्रेक्ट समय

सूरत।सिटी बस का कॉन्ट्रेक्ट हासिल करने के बाद पालिका प्रशासन के लिए सरदर्द बनी ठेकेदार फर्म का कॉन्ट्रेक्ट समय से पहले रद्द किया जाएगा। मनपा दो हजार सिटी बसें चलाने की योजना पर काम कर रही है। इनमें से सौ बसें डेढ़ महीने में सड़कों पर उतारी जा सकती हैं।

मनपा ने 2013 में सिटी बसों का कॉन्ट्रेक्ट अहमदाबाद की एजेंसी रेनबो को सौंपा था। सात साल का कॉन्ट्रेक्ट हासिल करने के बाद ठेकेदार फर्म ने शुरू से ही पालिका की किरकिरी कराई और बसें सड़कों पर लाने में देर की। तत्कालीन मंत्री आनंदी पटेल ने 20 सितम्बर, 2013 को पांच सिटी बसों से इस सेवा की शुरुआत की थी। कॉन्ट्रेक्ट के अनुसार हर तीन महीने में निश्चित संख्या में बसें बढ़ानी थीं, जिसमें फर्म पूरी तरह विफल साबित हुई।

पालिका ने फर्म को एक के बाद एक नोटिस दिया, लेकिन ठेकेदार फर्म पर कोई असर नहीं हुआ। शहर में 115 सिटी बसें चलाने का कॉन्ट्रेक्ट हुआ था, लेकिन 90 बसें चल पाईं। तीन साल के अंदर बसों की संख्या घट कर 35 से 40 तक सिमट गई है, लेकिन ठेकेदार 70 बसें चलाने का दावा कर रहा है। इनमें से अधिकांश बसें जर्जर हालत में हैं और कमाई वाले रूट पर ही चल रही हैं।

थोड़ा इंतजार और

पालिका ने सिटी बस कॉन्ट्रेक्टर से ऊब कर करीब सालभर पहले तैयारियां शुरू की थीं। शहर में दो हजार सिटी बसें चलाने की योजना पर काम हो रहा है। पालिका ने अब तक 275 सिटी बसों के चेसिस की बॉडी बिल्डिंग के साथ मेंटिनेंस और ऑपरेशन का काम सौंप दिया है। इनमें से सौ बसें डेढ़ महीने के अंदर सड़क पर उतरने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इन बसों के सड़क पर उतरने के साथ ही पालिका कांट्रेक्टर रेनबो को बाहर का रास्ता दिखा देगी। इसकी तैयारी पहले भी की गई थी, जब कॉन्ट्रेक्टर को ब्लैक लिस्ट करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन विकल्प नहीं होने की वजह से कॉन्ट्रेक्ट को चालू रखा गया। अब जबकि बसों की तैयारी पूरी हो चुकी है, पालिका आगामी कुछ महीने में पुराने कॉन्ट्रेक्ट को रद्द करने के मूड में है।

बसें कम, हालत खराब

&सिटी बसों में अधिकांश की हालत जर्जर है। काफी कम बसें चल रही हैं। ठेकेदार को कई बार चेताया गया, लेकिन फर्क नहीं पड़ा। पालिका अपनी बसों को उतारने के बाद कड़ा निर्णय कर सकती है। आर.वी.गामित, कार्यपालक इंजीनियर, ट्रैफिक सेल

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