Patrika Hindi News

सरकार की हां,स्कूलों की ना

Updated: IST surat news
राईट टु एज्यूकेशन एक्ट (आरटीई) अंतर्गत प्रवेश प्रणाली में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सरकार की ओर से बच्चों को आरटीई में ऑनलाइन प्रवेश तो दे दिया गया है,

सूरत. राईट टु एज्यूकेशन एक्ट (आरटीई) अंतर्गत प्रवेश प्रणाली में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सरकार की ओर से बच्चों को आरटीई में ऑनलाइन प्रवेश तो दे दिया गया है, लेकिन उनके अभिभावक जब स्कूल पहुंचते हैं तो तब संचालक प्रवेश देने से इनकार करते हैं। सरकार ने अभिभावकों को प्रवेश संबंधी जानकारी दे दी है, लेकिन स्कूल संचालक जानकारी नहीं मिलने का बहाना बताकर प्रवेश से इनकार कर रहे हैं।

सरकार और स्कूल संचालकों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा अभिभावक भुगत रहे हैं। इस बार आरटीई के सारे प्रवेश ऑनलाइन प्रणाली से दिए गए हैं। जिन बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश मिला है, उन्हें स्कूल संचालक प्रवेश देने से साफ मना कर रही है। कुछ ही दिन पहले आरटीई के अंतर्गत प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले अभिभावकों को सरकार की ओर से मोबाइल पर एसएमएस मिला।

एसएमएस में लिखा गया है कि उनके बच्चों को आरटीई के अंतर्गत स्कूल में प्रवेश दिया गया है। अभिभावक ऑनलाइन प्रवेश संंबंधी कॉपी लेकर स्कूल पहुंचकर अपना प्रवेश सुनिश्चित करें। अभिभावकों को 25 मई तक का समय दिया गया है। कई अभिभावक एसएमएस मिलते ही स्कूल पहुंचे और प्रवेश संबंधी बात कही तो स्कूल संचालकों ने उन्हें प्रवेश देने से साफ मना कर दिया। स्कूल संचालकों की बात सूनकर अभिभावक दंग रह गए। लाख समझज्ञने पर भी संचालक टस से मस नहीं हुए। संचालकों को रवैये से अभिभावक निराश होकर वापस लौट गए।

किसी तरह की सूचना नहीं

स्कूल संचालकों का कहना है कि आरटीई में उनकी स्कूल में प्रवेश दिया गया है उसकी जानकारी उन्हें नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से या फिर सरकार की ओर से स्कूल को प्रवेश की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए वह कागज के टुकड़े पर प्रवेश नहीं दे सकते हैं।

एडमिट कार्ड होने के बावजूद इनकार

ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली के चलते अभिभावकों को कम्प्यूटर पर ही प्रवेश की कॉपी मिल रही है। यह कॉपी एक एडमिट कार्ड है। इस पर बड़े अक्षरों से लिखा है एडमिट कार्ड अंडर राईट टू एज्यूकेशन। इस कार्ड पर जिस बच्चे को प्रवेश दिया गया है उसका नाम, एप्लीकेशन नंबर, किस श्रेणी में प्रवेश दिया गया है उसकी जानकारी, बच्चे की जन्म तिथि, स्कूल कोड, कौन से माध्यम में प्रवेश, स्कूल टाईप, उसके पिता का नाम, घर का पता, जिस स्कूल में प्रवेश दिया गया है उसका नाम छपा है। फिर भी संचालक इसे देखने के बाद भी प्रवेश नहीं दे रहे हैं।

अजमेर से अनुमति लाओ

सबसे ज्यादा अभिभावकों को सीबीएसई स्कूल के संचालक परेशान कर रहे हैं। सीबीएसई के संचालक अभिभावकों को अजमेर से अनुमति लाने का कह रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सीबीएसई स्कूलों के जो संचालक बोल रहे हैं वह अजमेर डिवीजन के अंडर में आते हैं। उनको अजमेर सीबीएसई के कार्यालय से आदेश नहीं मिला है। इसलिए वह आरटीई में प्रवेश नहीं देंगे, भले उनके पास एडमिट कार्ड हो।

ऑनलाइन ही करनी है जांच

आरटीई प्रवेश की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हुई है। इसलिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कहना है कि प्रवेश की जानकारी जैसे अभिभावक ऑनलाइन जांच कर रहे हैं, वैसे ही स्कूलों को भी ऑनलाइन देखना है कि उनकी स्कूल में प्रवेश हुआ है या नहीं।

गुजरात बोर्ड के स्कूल भी कर रहे आनाकानी

गुजरात बोर्ड के स्कूल संचालक भी प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल को प्रवेश के बारे में सूचना नहीं दी गई है। इसलिए वह प्रवेश नहीं दे सकते हैं। संचालकों की बात सुनकर अभिभावक मायूस होकर वापस लौट रहे हैं।

मिलनी चाहिए सूचना

सीबीएसई और गुजरात बोर्ड स्कूल के संचालकों का कहना है कि उनको सभी तरह की जानकारी देने के लिए परिपत्र भेजा जाता है। अब जब प्रवेश दिया गया है तो उसकी जानकारी भी परिपत्र के माध्यम से दी जानी चाहिए। बिना जानकारी के वह कैसे प्रवेश दे दें।

प्रवेश नहीं देने पर होगी कड़ी कार्रवाई

अभिभावकों को एडमिट कार्ड देखकर भी प्रवेश नहीं देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को प्रवेश की सूचना नहीं दी गई है। यह जानकारी सारी ऑनलाइन रखी गई है। स्कूलों को भी ऑनलाइन जांच करनी चाहिए।

यू.एन.राठौड़, जिला शिक्षा अधिकारी, सूरत

अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???