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दो जोड़ी जूते और दो रैकेटस से बना नेशनल चैंपियन

Updated: IST ajay maik
हाई क्लास टेनिस खेल में गोहाना का एक लड़का अपने पिता की खेती की जमीन पर बने मिटटी के कोर्ट में प्रैक्टिस करता—करता नेशनल चैंपियन बन गया।

नई दिल्ली। 13 साल के अजय मलिक ने डीएलटीए कॉम्पलेक्स में हुई नेशनल टेनिस चैंपियनशिप में अंडर—14 का खिताब अपने नाम किया।

नहीं थे इतने पैसे

दरअसल, अजय के पिता अजमेर मलिक भारतीय सेना में रिटायर्ड सूबेदार हैं। उनके पास इतना भी पैसा नहीं था कि वो अपने बेटे को केले और एनर्जी ड्रिंक तक मैच के ब्रेक के दौरान दे सकें। नौवीं कक्षा के छात्र ने अपने हाथों की ताकत और अपनी टांगों को लंबे लांघने की तकनीक से ही टाइटल पर कब्जा जमा लिया।

10 साल की उम्र में शुरू किया टेनिस

अजय ने मात्र 10 साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया। तीन साल में ही अजय ने ये बड़ा मुकाम हासिल कर​ लिया। खास बात ये है कि उसके बड़े भाई सोमवीर मलिक ही उसके कोच है, जिन्होंने टेनिस टीवी पर देखकर सीखा। सोमवीर टेनिस एल्बो में चोट लगने की वजह से टेनिस से दूर हो गए। अजमेर ने बेटे के लिए 13 लाख के रिटायरमेंट फंड से 3 लाख रुपए एकडमी तैयार करने में लगाए। चैंपियनशिप खेलने आए अजय के पास सिर्फ दो जोड़ी जूते औंर दो टेनिस रै​केटस ही थे।

अजय ने कहा कि इस कोर्ट पर खेलने में रंग के अलावा कोई दूसरा अंतर नहीं था। उसने कहा कि मैं देख रहा था कि कई खिलाड़ी सात से दस सैकेंड में प्वाइंट ले रहे थे, मुझे इस टेक्निक पर ध्यान देना है।

अजय के पिता अजमेर ने बताया ​कि फाइनल से पहले उसके रैकेट का एक हिस्सा टूट गया था, जिसको सही करने के लिए 800 रुपए मांगे गए, लेकिन उनकी जेब में सिर्फ 300 ही रुपए थे, जिसके बाद उन्होंने सब भगवान पर छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि अजय सिर्फ 40 बादामों से बना बादाम जूस रोज प्रैक्टिस के बाद पीता है।

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