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दूषित पानी... जल संकट -   बन रहा लोगों की स्वास्थ्य समस्या

Updated: IST contaminated water...water crisis - People
जलसंकट स्वास्थ्य के लिए बना आफत... 850 एमसीएफटी पानी बेचा, लिंक प्रोजेक्ट के करोड़ों रुपए पानी में डूबे, गऊघाट पर शिप्रा में डाला फ्लोटिंग पंप, दो पंपों से प्लांट में आ रहा पानी

उज्जैन. जलसंकट शहरवासियों के स्वास्थ्य के लिए आफत बन रहा है। गंभीर लगभग सूखने की कगार पर है, ऐसे में नगर निगम ने खान के दूषित जल युक्त शिप्रा के पानी से बड़ी मात्रा में सप्लाई शुरू कर दी। गऊघाट के नए प्लांट से फिल्टर कर रासायनिक व डे्रनेज वाला पानी शहर में पहुंचाया जा रहा है। जलसंकट के गंभीर हालातों के बावजूद जिम्मेदारों के पास जवाब नहीं है कि नर्मदा का पानी क्यों नहीं आया। जिला प्रशासन के अधिकारी भी इस काम में फेल साबित हो रहे हैं।

योग्य पानी नहीं हो चिंताजनक हालात
मानसून खींचने व गंभीर में महज 38 एमसीएफटी सप्लाई योग्य पानी होने से हालात चिंताजनक बन गए हैं। पीएचई ने गऊघाट पर फ्लोटिंग पंप डाल दिया। यहां जमा खान के दूषित जल से सप्लाई शुरू की गई है। इस दूषित जल से शहर में बीमारियां फैलने का खतरा शुरू हो गया। हालांकि अब भी जिम्मेदारों का कहना है कि पानी फिल्टर कर दे रहे हैं, इससे कोई हानि नहीं होगी। शिप्रा में 380 एमजीडी पानी उपलब्ध है। इससे 20 बार की सप्लाई हो सकती है।

कांग्रेस पार्षदों ने प्रदर्शन कर लगाए आरोप
कांग्रेस पार्षद दल ने दूषित जल सप्लाई पर भाजपा बोर्ड को घेरा। आरोप लगाया कि 2250 एमसीएफटी पानी डैम में संग्रहित हुआ था। 1400 एमसीएफटी शहर की खपत है। बाकी का 850 एमसीएफटी पानी अधिकारियों ने बेच डाला।

नर्मदा-शिप्रा लिंक प्रोजेक्ट पर भाजपा सरकार ने
450 करोड़ रुपए पानी में डुबो दिए हैं। सोमवार दोपहर 3 बजे कांग्रेसी पार्षदों ने निगम में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। निगमायुक्त आशीषसिंह को घेरा और कहा कि लोग बीमार हो रहे हैं, महापौर तो नकारा है आप ही कुछ ध्यान दो।
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र वशिष्ठ के साथ पार्षदों ने निगम परिसर में नारेबाजी की और नर्र्मदा पानी नहीं आने पर सवाल किया। सिंहस्थ में आई टंकियां व सबमसिर्बल पंप उपलब्ध नहीं होने पर महापौर से जवाब मांगते हुए इस्तीफे की मांग की। पार्षद माया त्रिवेदी, विजयसिंह दरबार, मीना तिलकर, ताराबाई मालवीय, रेखा गेहलोत, हेमलता कुंवाल, गुलनाज खान मौजूद रहे।

अखाड़ा परिषद महामंत्री ने सीएम को लिखा पत्र
जलसंकट व दूषित पानी की समस्या से निपटने के लिए अखाड़ा परिषद महामंत्री अवधेशपुरी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने इसमें नर्मदा शिप्रा लिंक परियोजना का सदुपयोग करने की मांग की है। उनके अनुसार संकट गहराए, उससे पहले नर्मदा का पानी शिप्रा में छोड़ा जाना चाहिए।

संभागायुक्त ने दिए खान को रोकने के निर्देश
संभागायुक्त एमबी ओझा ने नगर निगम, जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। ओझा ने कहा पीला पानी सप्लाई होने की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने निगमायुक्त से कहा स्वच्छ जल प्रदाय करें व जल संसाधन विभाग को खान का जल शिप्रा में मिलने से रोकने कहा।

डैम आखिरी सांसों में...

  • कुल संग्रहण

138 एमसीएफटी
  • डेड स्टोरेज

100 एमसीएफटी

  • सप्लाई योग्य

38 एमसीएफटी

  • रोजाना खपत

5.08 एमसीएफटी

बूंद-बूंद की तलाश
गंभीर डैम के पेंदे में बूंद-बूंद की तलाश। पिछली बारिश में जहां दूर-दूर तक पानी था, वहां जमीन में आज दरारें हैं। कर्मचारी चैनल कटिंग कर बूंदों को मुख्य धारा तक पहुंचा रहे हैं। पूरे शहर की प्यास बुझाने वाले डैम का ही कंठ आज प्यासा होने लगा है। गंभीर उपयंत्री राजीव शुक्ला के अनुसार कैचमेंट एरिया के गांव चिकली श्मशान, खड़ौतिया, फाजलपुरा व आसपास चैनल कटिंग जारी है।

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