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बांस के 200 पेड़ काटे, और वह  गायब भी हो गए, जाने कैसे...

Updated: IST tree
पर्यावरण को नुकसान...एमपीईबी, वन विभाग और नगर निगम तीनों को नहीं जानकारी, तो कहां गए पेड़ ?

उज्जैन. मेंटेनेंस के नाम पर एमपीईबी के कर्मचारियों ने करीब 200 से अधिक बांस के पेड़ जड़ से काट दिए। हरा-भरा दिखने वाला मार्ग दो दिन के भीतर उजाड़ कर दिया गया। हैरानी की बात ये है कि पेड़ काटे जाने की जानकारी खुद विभाग के अधिकारियों तक को नहीं है। जिसके चलते काटे गए पेड़ पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है।

नानाखेड़ा चौराहे से शांति पैलेस तिराहे तक करीब 200 से अधिक बांस के पेड़ लग हुए थे। जिनकी उम्र करीब 5 साल से अधिक थी। मंगलवार-बुधवार को यहां की सारी हरियाली जड़ से खत्म कर दी गई। क्षेत्रीय रहवासियों के अनुसार एमपीईबी की क्रेन से आए कर्मचारियों ने यहां पेड़ों की कटाई की। जड़ से पेड़ काटे जाने पर आपत्ति भी ली, लेकिन उन्होंने ऊपर से हाइटेंशन लाइन जाने का हवाला देते हुए आग लगने की संभावना के चलते आदेश होने की बात कही।

उजाड़ दी हरियाली

क्षेत्रीय रहवासी प्रदीप कुमार झा ने बताया कि कई वर्षांे से यहां बांस के पेड़ थे। वीआईपी रोड बनने के बाद केवल ये पेड़ ही इस सड़क पर बचे थे। वो भी काट दिए गए। इनसे इस मार्ग की सुंदरता थी। जो उजाड़ दी गई। मेंटेनेंस के नाम पर पेड़ों की इस प्रकार कटाई होते हुए पहली बार देखा है।

नहीं दिखाए दस्तावेज

विद्यापति नगर निवासी शम्मी जोशी ने बताया कि कर्मचारियों को नगर निगम की स्वीकृति के दस्तावेज दिखाने के लिए कहा तो उन्होंने कार्यालय पर संपर्क करने की बात कही। महाश्वेता जोन में जाकर पता किया तो वहां किसी को कोई जानकारी नहीं। मक्सी रोड स्थित मुख्यालय पर भी किसी अधिकारी को जानकारी नहीं थी।

किसने बेच डाले सारे पेड़

बांस के पेड़ों की मांग गर्मियों के दौरान बढ़ जाती है। 20-25 फीट ऊंचे इन पेड़ों को बाजार में अच्छे भाव मिल जाते हैं। नगर निगम, वन विभाग और एमपीईबी तीनों विभागों में पेड़ों की कटाई की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर काटे गए पेड़ गए कहां।

हमारी तीन वर्ष तक जिम्मेदारी

गैर वन भूमि पर पौधे लगाने के बाद हमारी जिम्मेदारी तीन वर्ष तक उन्हें बड़ा करने तक की रहती है। इसके बाद संबंधित विभाग को हैंडओवर कर दिया जाता है। पेड़ों की कटाई की परमिशन नगर निगम द्वारा जारी की जाती है। इसमें वन विभाग का हस्तक्षेप नहीं होता है।

-हिम्मत सिंह खिंची, एसडीओ वन विभाग

मेंटेनेंस के लिए पेड़ों को जड़ से काटने का कोई प्रावधान नहीं है। पेड़ों की कटाई के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मैंने इस प्रकार के कोई आदेश जारी नहीं किए। मालूम करके बताता हूं।

केतन रायपुरिया, ईई एमपीईबी

हमने नहीं दी स्वीकृति

पेड़ कटाई के संबंध में हमने कोई परमिशन नहीं दी है। यदि पेड़ काटे गए हैं तो मौका निरीक्षण कर पंचनामा बनवाया जाएगा। संबंधित पर कार्रवाई करेंगे।

चंद्रकांत शुक्ला, एई, नगर निगम जोन क्रमांक 6

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