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 30 साल पहले जो पिता बनना चाहते थे, वह इच्छा बेटी ने की पूरी

Updated: IST father and doughter
पिता भूपेंद्रसिंह बैस ने 30 साल पहले डॉक्टर बनने का सपना देखा, लेकिन वो पूर्ण नहीं हो सका, बेटी ने की इच्छा पूरी

आशीष सिंह सिकरवार
उज्जैन. डॉक्टर बनने का जो सपना पिता ने खुद के लिए देखा था वो उनकी बेटी ने पूरा कर दिखाया। अब बेटी के डॉक्टर बनने पर पिता खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
हम बात कर रहे हैं ऋषिनगर निवासी हितैषी बैस की। उनके पिता भूपेंद्रसिंह बैस ने आज से करीब 30 साल पहले डॉक्टर बनने का सपना देखा, लेकिन वो पूर्ण नहीं हो सका। इस पर आयुर्वेद रत्न की उपाधि प्राप्त कर आरएमपी डॉक्टर के रूप में शहर से करीब 13 किमी दूर ताजपुर में प्रैक्टिस शुरू की। इनके पिता भी शासकीय डॉक्टर थे। ऐसे में घर में हितैषी को सही मौहाल मिला। वह खेलने के लिए भी डॉक्टर वाले ही खिलौने मांगती थी। इसके बाद दसवीं में पहुंचने पर उसने मेडिकल की तैयारी शुरू की और 2012-13 में पीएमटी क्लीयर करने के बाद जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया। यहां से 2016 में पढ़ाई पूर्ण कर एमबीबीएस की डिग्री पूर्ण की। अभी उसी मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रही हैं। इसके अलावा पीजी की तैयारी कर रही है।

मां के निधन से हुई थी हताश
हितैषी ने बताया कि जब पीएमटी की तैयारी शुरू ही की थी तभी मां सुषमा बैस का निधन हो गया था। इसके बाद मैं हताश हो गई थी, लेकिन पिता ने उनकी कमी पूरी की और हर कदम पर मेरा ध्यान रखा। उनके और परिवार के सपोर्ट के कारण ही आज वह एमबीबीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर पाई है।

गर्व है बेटी पर
बेटी ने मेरी इच्छा पूर्ण कर दी है। मुझे उस पर गर्व है। मुझे मरीजों का इलाज करते देख बेटी ने भी इसी फील्ड में कॅरियर बनाने की बात कही तो पूरे परिवार ने सपोर्ट किया। हालांकि पत्नी के निधन के समय बेटी थोड़ी हताश जरूर हुई थी, लेकिन जल्द ही उस चीज से उबर गई। आज मुझे और परिवार को उस पर गर्व है।

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