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कैसे रुकेगा डेंगू-मलेरिया, जब घर में ही पाल रहे लार्वा

Updated: IST How to stop dengue-malaria, larvae are reared at h
जिला मलेरिया विभाग की टीम जब डेंगू-मलेरिया लार्वा सर्वे के लिए घरों में पहुंच रही है तो अजीबो-गरीब स्थिति देखने को मिल रही है। टीम को घरों में सीमेंट की टंकी और गड़े हुए जल पात्र मिल रहे हैं।

उज्जैन. जिला मलेरिया विभाग की टीम जब डेंगू-मलेरिया लार्वा सर्वे के लिए घरों में पहुंच रही है तो अजीबो-गरीब स्थिति देखने को मिल रही है। टीम को घरों में जमीन में सीमेंट की टंकी और गड़े हुए जल पात्र मिल रहे हैं। इनमें लार्वा पनप रहा है। टीम को इन जल संग्रहण स्त्रोतों को खाली कराने के लिए लोगों को काफी समझाना पड़ता है। इधर विभाग की ओर से शहर के कुएं, तालाब और बावडिय़ों में गम्बुसिया मछली डाली गई।

शासन-प्रशासन के आदेश
शासन-प्रशासन के आदेश पर जिला मलेरिया विभाग ने मलेरिया और डेंगू लार्वा सर्वे कर इनको नष्ट करने को चुनौती के रूप में लिया है। इसके लिए क्षेत्रवार लार्वा सर्वे हो रहा है। लोगों को बचाव के तरीके बताए जा रहे है। जिला मलेरिया विभाग सर्वे कर रहा है। डेंगू- मलेरिया के लार्वा को पनपने के पूर्व ही नष्ट करने के लिए अभियान जारी है। अभियान के दौरान सामने आया कि पहले तो लोग जिन स्रोतों में पानी संग्रह करके रखा है, उन्हें खाली करने को तैयार ही नहीं होते हैं। इसके बाद जैसे-तैसे यदि खाली कर भी दें तो दोबारा वही गलती दोहराई जाती है।

लार्वा नष्ट करने में सहयोग नहीं
लार्वा नष्ट करने में सहयोग नहीं देने और लार्वा पाए जाने पर जुर्माने के प्रावधान का हवाला भी देना पड़ता है। लोगों ने जमीन में अंडर ग्राउंड टैंक, सीमेंट की टंकियां बना रखी हैं। पानी जमा करने के लिए जमीन के अंदर पात्र तक गाड़ रखे हैं। ऐसे में विभाग को जल संग्रहण स्रोतों को खोजने में काफी परेशानी होती है। एक मकान में सर्वे के लिए पहुंचे दल को एक घर में अंडरग्राउंड टंकी मिली। इसे ढंक दिया गया था। खुलवाकर टंकी देखी तो तो उसमें काफी लार्वा मिला।

बीमारी से पहले और बीमार होने पर यह करें
- पानी को अधिक समय तक जमा नहीे रखें।
- लार्वा तेज प्रकाश में सामान्य तौर पर दिख जाता है। लार्वा होने पर पानी को फेंक दें। उपयोग योग्य पानी में खाने के तेल कुछ मात्रा डाल दें।
- रक्त की जांच करा लें
- बीमारी की स्थिति में सादा भोजन खाएं। मसालेदार, चटपटी चीजों का सेवन बंद करें।
- अनार, ज्वार और गेहूं के घास का रस पिएं।
- ताजे मौसमी फल खाएं।
- नारियल पानी और साफ पानी का अधिक से अधिक मात्रा में उपयोग करें।

- विटामिन सी युक्त फलों को खाना स्वास्थ्यप्रद होता है। नीबू, संतरे, मौसंबी, अंगूर, स्ट्राबरी और जामुन में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है।
- पपीते के पत्तों का रस बनाकर दिन में दो से तीन बार शहद के साथ लें।
- बकरी का दूध भी प्लेटलेट्स बढ़ाता है।

मच्छर भगाने के आयुर्वेदिक उपाय
लौंग का तेल : इसकी महक से मच्छर दूर रहते हैं। इसे नारियल के तेल में मिलाकर लगाएं।

नीम का तेल : नीम का तेल नारियल के तेल में समान मात्रा में मिलाकर त्वचा पर लगाने से कम से कम 8 घंटे मच्छर दूर रहेंगे।

नीबू और नीलगिरी का तेल
नीबू और नीलगिरी के तेल का मिश्रण भी मच्छरों को पास आने से रोकता है। इस घोल का एंटीसेप्टिक गुण प्राकृतिक है। इससे त्वचा को कोई नुकसान भी नहीं होता है और मच्छर नहीं काटते हैं।

तुलसी का पौधा : तुलसी के पौधे को खिड़की पर रखने से मच्छर अंदर प्रवेश नहीं करते हैं। लार्वा की वृद्धि को भी रोकते हैं।
अजवाइन पाउडर : मच्छर बढऩे पर आप अजवाइन पाउडर छिड़ककर अपने घर से मच्छरों को भगा सकते हैं। कमरे के जिस भाग में मच्छर अधिक हों, वहां यह पाउडर छिड़क दें।

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