Patrika Hindi News

पीएससी रिजल्ट: सक्सेस हुए हैं, मंजिलें अभी दूर...

Updated: IST job in possible but competition for success
निजी क्षेत्र की नौकरी से असंतुष्टि के चलते युवा शासकीय सेवा की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, लेकिन अत्यधिक प्रतिस्पर्धा के चलते हर किसी का सपना पूरा होना संभव नहीं है।

उज्जैन. निजी क्षेत्र की नौकरी से असंतुष्टि के चलते युवा शासकीय सेवा की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, लेकिन अत्यधिक प्रतिस्पर्धा के चलते हर किसी का सपना पूरा होना संभव नहीं है। अपने लक्ष्य को पाने के लिए एकाग्रता के साथ निरंतर प्रयास की जरूरी है। कुछ एेसा ही किया है उज्जैन के दो विद्यार्थी ओजस्वी काले और कुनाल खेरडि़या ने।

नौकरी से असंतुष्ट
दोनों ने निजी सेक्टर की नौकरी से असंतुष्ट होने के बाद प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना और तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। एमपी पीएससी की परीक्षा के बाद ओजस्वी नायब तहसीलदार और कुनाल सहायक संचालक लेखा विभाग में पहुंचे हैं। हालांकि यह दोनों अपनी सफलता से अभी खुश नहीं है, क्योंकि इनका लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है।

job in possible but competition for success

नकारात्मकता को पास नहीं आने दिया
फ्रीगंज निवासी कुनाल पिता किरिट भाई खेरडि़या (कपड़ा व्यापारी) बीकॉम करने के बाद बिजली विभाग में नौकरी करते थे। विभाग के अधिकारी के काम ने इन्हें प्रभावित किया। इसके बाद इन्होंने पीएससी की तैयारी शुरू की। पहली बार में इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन चूक गए, लेकिन कुनाल ने नकारात्मकता को पास नहीं आने दिया। फिर से पढ़ाई शुरू की। हालांकि नतीजा पुराना ही रहा। इसके बाद कुनाल ने खामियों को पाइंट कर नए सिरे से तैयारी शुरू की। इसके बाद वे लेखा विभाग में चयनित हो गए। कुनाल 2016 पीएससी में फिर इंटरव्यू के लिए आमंत्रित हैं।
अगली बार वे अपने लक्ष्य को पाना चाहते हैं।

job in possible but competition for success

स्पीड और यूनिक कंटेट के साथ तैयारी
महानंदानगर निवासी ओजस्वी पिता अजय काले (रेलवे स्टेशन मास्टर) ने बीई इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन किया। नौकरी के लिए मुंबई गई, लेकिन निजी सेक्टर की नौकरी से उन्हें संतुष्टि नहीं मिली। उज्जैन लौटकर प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना। पहली बार में इंटरव्यू तक पहुंचीं। हार नहीं मानी। दूसरी बार प्रयास किया, लेकिन फिर निराशा मिली। इसके बाद राइटिंग स्पीड और यूनिक कंटेट जैसी विशेषता पर काम किया। लगातार प्रसास से मैन के परिणाम में काफी सुधार किया। 2015 में उन्हें नायब तहसीलदार का पद मिला है। अब वह उपजिलाधीश बनाना चाहती हैं।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें ! - BharatMatrimony
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???