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यहां कृष्ण-सुदामा ने भी उड़ाई थी पतंग, उज्जैन आए थे पढऩे

Updated: IST krishna sudama was also flying kites, reading came
मकर संक्रांति के अवसर पर अंकपात मार्ग स्थित श्री सांदीपनि आश्रम में शुक्रवार शाम पतंग शृंगार किया गया, शनिवार को तिल-गुड़ का महाभोग लगाकर आरती की गई।

उज्जैन.मकर संक्रांति के अवसर पर अंकपात मार्ग स्थित श्री सांदीपनि आश्रम में शुक्रवार शाम पतंग शृंगार किया गया, शनिवार को तिल-गुड़ का महाभोग लगाकर आरती की गई। पुजारी रूपम व्यास ने बताया कि यहां वर्षों पहले गुरुकुल में जब भगवान कृष्ण, बलरामजी और मित्र सुदामा आए थे तब उन्होंने भी पतंग उड़ाई थी।

भगवान ने पाई यहां शिक्षा
भगवान श्रीकृष्ण, मित्र सुदामा और बलदाऊ भैया ने आश्रम में रहकर वेदों की शिक्षा प्राप्त की। इतना ही नहीं यहां उन्होंने 64 कलाओं का ज्ञान भी प्राप्त किया था। उल्लेखनीय है कि यहां रहकर मित्रवृंदा से विवाह भी किया था। इसीलिए यहां के दामाद भी माने जाते हैं। भगवान कृष्ण और मित्रवृंदा का मंदिर भी उज्जैन भैरवगढ़ रोड पर बना है। जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में दर्शनार्थी आते हैं।

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महिदपुर के पास है कृष्ण-सुदामा मंदिर
भगवान कृष्ण और सुदामा का अनूठा मंदिर उज्जैन के समीप महिदपुर के ग्राम पानबिहार में कृष्ण-सुदामा का अनूठा मंदिर है। ग्रामीणजन बताते हैं जब कृष्ण-सुदामा सांदीपनि आश्रम से गुरुकुल से लकड़ी बीनने जंगल आए थे, तब वे रात अधिक होने पर यहीं रुके थे। जहां उन्होंने लकडिय़ों का गट्ठर रखा था, वहां आज भी पेड़ों का झुरमुट देखा जा सकता है।

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