Patrika Hindi News

> > > > mahakal devotees are affected by the note closure

Mahakal : नोट बंदी का असर भक्तों पर, छोटे नोट मिलते नहीं...बड़े चलते नहीं...

Updated: IST mahakal devotees are affected by the note closure
महाकाल के भक्तों पर भी नोट बंदी का असर नजर आ रहा है। दूरदराज स्थानों से शहर आने वाले हजारों भक्त न तो प्रसाद खरीद पा रहे और न ही यहां बिकने वाली प्रसिद्ध कुमकुम-मेहंदी साथ ले जा पा रहे।

उज्जैन. भगवान महाकाल के भक्तों पर भी नोट बंदी का असर नजर आ रहा है। दूरदराज स्थानों से शहर आने वाले हजारों भक्त न तो प्रसाद खरीद पा रहे और न ही यहां बिकने वाली प्रसिद्ध कुमकुम-मेहंदी साथ ले जा पा रहे। कई भक्त तो नोट खुल्ले न होने के कारण चाय-नाश्ते से भी वंचित हैं। उज्जैन दर्शन करने की इच्छा तो है, लेकिन जाएं कैसे। रिक्शे वाला चेंज मांगता है, दो हजार का नोट होना नहीं होना एक बराबर है। पत्रिका ने मंगलवार को महाकाल मंदिर आए दर्शनार्थियों से चर्चा की।

नहीं खरीद पाए यहां की प्रसिद्ध चीजें
विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकाल के दरबार में घंटों से कतार में लगे श्रद्धालुओं को बस एक झलक पाने की लालसा थी। वे भगवान के दरबार में जयकारे लगा रहे थे। कोटा राजस्थान से आए महिपाल गौतम और गोवर्धन शर्मा से जब पूछा गया कि आपको मंदिर में नोट बंद होने से क्या-क्या समस्याएं हुईं, तो कहने लगे, बाबा के दरबार में वैसे तो कोई समस्या है ही नहीं, लेकिन परिवार के साथ आए हैं, ऐसे में खाने-पीने की वस्तुएं और प्रसिद्ध चीजें जैसे कुमकुम-मेहंदी वगैरह खरीद नहीं पाए।

mahakal devotees are affected by the note closure

अक्सर बंद रहता मंदिर का एटीएम
मंदिर के समीप लगा बैंक का एटीएम भी नोट खत्म होने के चलते अक्सर बंद रहता है। बाहर से आने वाले दर्शनार्थी एटीएम के भीतर जाते हैं, तो वहां स्क्रीन पर लगे बोर्ड को देख मायूस होकर वापस लौट आते हैं। यहां मौजूद सिक्युरिटी गार्ड का कहना है, कि प्रतिदिन रात 11 बजे बाद आसपास क्षेत्र के कुछ युवक यहां आते हैं और नोट निकाल लेते हैं। हर युवक के पास 5-6 एटीएम कार्ड रहता है। ऐसे में छोटे नोट नहीं मिल पाते।

ऑनलाइन से भी आता है दान
महाकाल मंदिर की ऑनलाइन वेबसाइट पर भी दान प्राप्त होता है। ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया 16 जनवरी 2013 से आरंभ हुई थी तथा डोनेशन 11 अगस्त 2014 से। दानदाताओं द्वारा करीब 25 लाख 81 हजार रुपए से अधिक की राशि ऑनलाइन भेंट की जा चुकी है। बकायदा इसकी रसीद भी ऑनलाइन ही प्राप्त हो जाती है। दानदाताओं के लिए डोनेशन में आयकर की छूट भी प्रदान की जाती है।

दान पेटियों से निकले 500-1000 के नोट
नोट बंदी के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर की विभिन्न दान पेटियों से 500 और 1000 के नोट ही निकल रहे हैं। हालांकि नए नोट भी प्राप्त हो रहे, लेकिन पुराने नोट की संख्या अधिक है। हाल ही में खोली गई गणपति मंडपम की 4 भेट पेटियों से कुल राशि 4,82,206 निकली, जिसमें अधिक मात्रा में पुराने नोट निकले हैं। उल्लेखनीय है कि 8 नवंबर के बाद नोट बंदी के चलते दान पेटियों में श्रद्धालु पुराने नोट ही डाल रहे हैं।

दान के लिए लगा दी स्वैप मशीन और बोर्ड
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दान राशि नकद न लेते हुए यहां स्वैप मशीन लगाई गई है। नोट बंदी के बाद यह मशीन उपयोगी साबित हो रही है। बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहां दान देना चाहते हैं, तो इस मशीन के जरिए वे अपनी राशि भेंट करते हैं। यह मशीन मंदिर कार्यालय एवं नंदी हॉल के समीप बने काउंटर पर रखी है। स्वैप मशीन लगने के बाद कई लोगों की समस्या हल हुई है।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???