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Makar Sankranti: सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, शुभ संयोग में आएंगे 7 विशेष मुहूर्त

Updated: IST makar sankranti festival and jyotish
पंचांग की गणनानुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश शनिवार सुबह 7.38 पर होगा। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही वे उत्तरायण होंगे।

उज्जैन. पंचांग की गणनानुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश शनिवार सुबह 7.38 पर होगा। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही वे उत्तरायण होंगे। चूंकि इस बार संक्रांति का पर्वकाल तथा पुण्यकाल दिनभर होने से इस दिन की विशेषता बढ़ रही है। इस दिन कर्क राशि का चंद्रमा अश्लेषा नक्षत्र, प्रीति योग, गढ़करण तथा शुभ संयोग के अंतर्गत 7 विशेष मुहूर्त इस दौरान आएंगे।

बन रहा कर्क का समसप्तक दृष्टि संबंध
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डिब्बावाला ने बताया कि धर्म शास्त्र की मान्यतानुसार जब सूर्य का उत्तरायण होने का क्रम आता है, तो यह छह माह विशेष सूर्य की निरयण संक्रांति से संबधित होता है। इस बार ग्रह गोचर में सूर्य तथा चंद्रमा का क्रमश: मकर तथा कर्क का समसप्तक दृष्टि संबंध बन रहा है, यह अपने आपमें अद्धितीय घटना है, क्योंकि संक्रांति के पर्वकाल में ऐसा बहुत कम होता है, जब सूर्य का परिभ्रमण मकर राशि तथा चंद्रमा का गोचर कर्क राशि में हो, साथ ही पंचांग की गणना में वार, तिथि योग, नक्षत्र करण आदि के आधार पर इस प्रकार के दृष्टि संबंध के साथ शुभ संयोग बनते हों।

संक्रांति का वाहन हस्ति
इस बार संक्रांति का वाहन हस्ति, उपवाहन गदर्भ, श्रेष्ठ फल कारक है। इस दौरान दलित वर्ग एवं पशुपालकों के लिए शुभप्रद साथ ही रक्तवस्त्र, धनुषायुध, लोह पात्र, पयभक्षण, गोरोचन, लेपन, मृगवर्ण, बिल्व पुष्प, मुकुट भूषण, श्वेत कंचुकि, प्रथम याम व्यापिनी, उत्तर गमन, ईशान दृष्टि तथा 15 मुहूर्तों में बैठेगी, जिनमें से 7 शुभ हैं।

ये वस्तुएं होंगी महंगी
सोना, चांदी, स्टील, लोहा, मशीनरी सामग्री, पेट्रोलियम पदार्थ, गेहूं, मेथी, सोयाबीन, लहसुन, मिर्च, हल्दी, रूई, कपास, चावल, गुड़, शकर, कोयला, सीमेंट, दूध, घी आदि के भावों में तेजी आएगी।

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प्राकृतिक प्रकोप के साथ ही भयाकांत स्थिति
शनिवार को संक्रांति होने से प्राकृतिक प्रकोप के साथ ही भयाकांत स्थिति बनती है। मकर संक्रांति प्रवेश के समय मकर लग्न है, लग्नेश शनि एकादश स्थान में है, गुरु नवम स्थान में तथा सूर्य लग्न भाव में शुभ्रद है। शांति प्रिय भारत के लिए यह प्रगतिकारक है। व्यापार में वृद्धि के योग।

पुण्यकाल में यह करें
मकर संक्रांति का पुण्यकाल शनिवार सुबह 7.30 से लेकर सूर्यास्त तक रहेगा। प्रात:काल यदि तीर्थ स्नान हो सके तो अतिउत्तम और नहीं तो घर पर ही पात्र में तीर्थ का जल, तिल्ली आदि से स्नान करें। इसके बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाएं या रूद्राभिषेक करें। इसके बाद भगवान सूर्य देव को जल अघ्र्य प्रदान करें, जिसके अंतर्गत जल, लाल चंदन, गुलाबजल, अक्षत, लाल पुष्प, तांबे के पात्र में डालकर सूर्य को जल चढ़ाएं। ...ओम हीं सूर्याय नम:.. का जप करते हुए अघ्र्य प्रदान करें। इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। वैदिक ब्राह्मण को चावल, मूंग दाल, गुड़, कंबल, वस्त्र, पात्र, पुस्तक, धर्म ग्रंथ, औषधि, दुग्ध, घृत, आदि का दान करें।

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