Patrika Hindi News

सावन में महाकाल के अनूठे स्वरूप का करें दर्शन...

Updated: IST shringar-darshan-of-mahakal-today-18 july
ज्योतिर्लिंग भगवान श्रीमहाकालेश्वर का सावन महीने में अनूठा शृंगार हुआ। भस्म आरती में झांझ-नगाड़े और डमरुओं की मधुर आवाज गूंजती है, तो दूसरी तरफ भोले शंभू-भोलेनाथ के जयकारों से पूरा हॉल।

उज्जैन. ज्योतिर्लिंग भगवान श्रीमहाकालेश्वर का सावन महीने में अनूठा शृंगार हुआ। भस्म आरती में झांझ-नगाड़े और डमरुओं की मधुर आवाज गूंजती है, तो दूसरी तरफ भोले शंभू-भोलेनाथ के जयकारों से पूरा हॉल। बाबा महाकाल पर नित-नए शृंगार किए जा रहे हैं। राजाधिराज महाकाल के दर्शनों के लिए बाहर भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। एक झलक पाने की दीवानगी देखते ही बनती है।

चंदन-बिल्वपत्रों से सजाया
श्रावण मास में महाकाल के भक्तों को कई रूपों के दर्शन हो रहे हैं, जिससे सभी का मन आनंदित हो रहा है। बिल्व पत्र, पुष्प हार और चंदन आदि से उन्हें सजाया जा रहा है। भस्म आरती के बाद सुबह 10.30 बजे भोग आरती के दर्शन होते हैं। भोलेनाथ भगवान महाकाल अपने भक्तों को अलौकिक स्वरूप में दर्शन देते हैं। चंदन-ड्रायफ्रूट आदि से उन्हें सजाया जाता है। शृंगार भी ऐसा कि देखते ही मन आनंदित हो जाए।

shringar-darshan-of-mahakal-today-18 july

भोलेनाथ का पंचामृत पूजन
भोलेनाथ को जल-दूध, दही और चंदन से स्नान के बाद पंचामृत पूजन किया गया। गले में पुष्पों का हार सुशोभित था, तो त्रिपुंड व त्रिनेत्र से मुखारविंद दमक रहा था। राजाधिराज महाकाल का मनभावन शृंगार हुआ। श्रावण मास में ज्योतिर्लिंग पर चंदन से आकर्षक स्वरूप बनाया गया, भक्तों ने इस निराले रूप के दर्शन किए तो पूरा हॉल जयकारों से गूंज उठा।

पुष्पों की माला ने बढ़ाई महाकाल की शोभा
भस्मी रमाने वाले बाबा महाकाल को पहले जल-दूध से स्नान कराया, इसके बाद भस्मी रमाई। बिल्व पत्रों और फूलों के हार से सजाया गया। यह रूप भक्तों को हर पल आनंदित करता है। प्रतिदिन अनूठे शृंगार होते हैं। भांग और ड्रायफ्रूट का शृंगार किया जाता है। उनके मुख पर चंदन का त्रिपुंड तो गले में पुष्पों की माला शोभा बढ़ा रही थी। तरह-तरह के सूखे मेवे भी शृंगार में उपयोग किए जाते हैं। बाबा का यह रूप बड़ा ही मनोहारी होता है। विविध प्रकार के शृंगारों में भांग शृंगार सबसे अनूठा और खास माना जाता है।

shringar-darshan-of-mahakal-today-18 july

महाकाल का मनोहारी रूप
बाबा महाकाल भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। उनके कई रूप हैं, सभी झलक पाने को आतुर रहते हैं। हमेशा श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ती है। जब भोले भस्मी रमाए बैठते हैं, तो उनका स्वरूप बड़ा ही मनोहारी नजर आता है। सुबह भस्मी से स्नान करते हैं। तन पर भस्मी लगाते हैं और मृगछाला ओढ़कर भक्तों को धन-धान्य का आशीर्वाद देते हैं। गर्भगृह में चारों तरफ भस्मी फैली होती है। जिससे ऐसा लगता है, मानों भक्त बाबा के हिमालय पर्वत पर दर्शन कर रहे हों। बाबा अनेक रूपों में भक्तों को दर्शन देकर धन्य करते हैं। महाकाल मंदिर में अनेक छोटे-बड़े मंदिर हैं। इनके दर्शन के लिए भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।

भोग आरती में सुंदर आकृति
हर दिन सुबह 10.30 बजे नियमित बालभोग आरती झांझ-डमरू, शंख-नगाड़ों के साथ होती है। भोग आरती में सुंदर आकृति से शृंगार किया गया। भोले को बिल्व पत्रों से सजाया गया। उनके भोग में लड्डू और पकवान रखे जाते हैं। वे बड़े ही जतन से भोग लगाते हैं। मंगलवार को बाबा महाकाल की शंख-झालर और डमरू के साथ बाबा की आरती हुई। (यह खबर आप पत्रिका डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं)। पंडे-पुजारी इनका अनोखा शृंगार करते हैं। फिर बाबा महाकाल को नैवेद्य का भोग अर्पण किया जाता है। भोग आरती में बाबा कुछ इस अंदाज में नजर आए।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???