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बालगृह से भागी तीन लड़कियां धार में मिलीं

Updated: IST the three girls ran from bal grah, were found in d
देवासरोड लालपुर स्थित बालगृह से भागी चार में से तीन लड़कियां धार से पुलिस को मिल गईं हैं, जिस युवक के घर में लड़कियां रह रही थीं पुलिस उसे भी ले आई और पूछताछ की जा रही है।

उज्जैन. देवासरोड लालपुर स्थित बालगृह से भागी चार में से तीन लड़कियां धार से पुलिस को मिल गईं हैं, जिस युवक के घर में लड़कियां रह रही थीं पुलिस उसे भी ले आई और पूछताछ की जा रही है। एक लड़की अब भी गायब है, जिसकी तलाश में टीम देवास भेजी है। पूछताछ में लड़कियों ने कहा कि उन्हें बालगृह में नहीं रहना, वहां उनसे खाना, बर्तन से लेेकर अन्य काम भी करवाए जाते थे और मैडम रोज अशब्द बोलती थी। हम बालिग होने जा रही हैं और अपने हिसाब से जीना चाहती हैं।

24 नवंबर की रात ग्रिल काटकर निकल गई थीं
24 नवंबर की रात बालगृह से चार नाबालिग खिड़की की ग्रिल काटकर निकल गई थीं। सप्ताहभर बाद पुलिस ने धार में रहने वाले औंकार नामक युवक के कमरे से तीन लड़कियों को बरामद कर लिया। चौथी लड़की का फिलहाल कुछ पता नहीं है, लेकिन उसके बारे भी जानकारी मिली गई है, बताया जा रहा है कि पूर्व में उसने कांतिलाल निवासी देवास से शादी की थी। वही युवक उसे फिर ले गया है। उसकी भी खोजबीन में एक दल देवास भेजा गया है।

मामले में जांच करवा रहे हैं
माधवनगर टीआई एमएस परमार ने बताया कि महिला एसआई चांदनी गौड़ से मामले में जांच करवा रहे हैं। तीनों का मेडिकल करवा शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर धारा 164 में बयान भी करवाए जाएंगे। मामला अपहरण का है इसलिए उन्हें भगाने में सहयोग करने व पनाह देने वालों पर भी कार्रवाई होगी। माधन नगर पुलिस ने होमगार्ड सैनिक सुनिल से भी पूछताछ की है।

प्लानिंग से भागीं, दो दिन पहले ही तोड़ दी थी ग्रिल
टीआई परमार के मुताबिक चारों लड़कियों में दो पहले से शादीशुदा हैं। भागने के लिए उन्होंने पहले ही प्लानिंग तैयार कर ली थी। दो दिन पूर्व कांतिलाल बाउंड्रीवॉल कूदकर अंदर आया था व उसी ने ग्रिल के सारे स्कू्र ढीले कर दिए थे। 24 तारीख को मौका मिलते ही रात में ढाई बजे बाद चारों कूदकर बाहर निकल गईं। इस दौरान कांति पहले से बाहर था और ऑटो में बैठकर वे रेलवे स्टेशन पहुंच गई। यहीं से धार पहुंची। इस बीच चौथी लड़की यहीं रुक गई थी, जो अपने पति कांति के साथ निकल गई।

बालगृह में हुई थी औंकार से पहचान
बालगृह में पहले लड़के भी रहते थे। अब वह बालिका गृह में तब्दील हुआ। एक नाबालिग ने बताया कि धार में जिस औंकार के घर में तीनों रुकी थीं पूर्व में वह बालगृह में ही रहता था। इसी कारण उससे पहचान हुई थी। लगातार संपर्क भी बना रहा, जिसके चलते उसके घर पहुंची।

हमें जीना है...
तीनों लड़कियों ने यह भी कहा कि वे कुछ दिन में बालिग होने वाली हैं। दो शादीशुदा हैं। पढ़ाई कर रखी है, जॉब कर पति के साथ रहेंगी। एक लड़की ने कहा मैं राजनीति में जाना चाहती हूं, दूसरी बोली पार्लर का काम सीखना है व तीसरी ने कहा सोशल वर्कर बनूंगी, इस तरह बालगृह में झाड़ू, पौछा और खाना बनाकर ताने नहीं सुनना है।

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