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 लापरवाही: 26 बंद पड़ी, 18 हैण्डओव्हर नहीं

Updated: IST Negligence: 26 closed, 18 not Handowhr news

उमरिया। ठंड का मौसम बीत जाने और गर्मी शुरू हो जाने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में सुधार नही हुआ। पीएचई विभाग अभी तक सुचारु रूप से गांवों में नल जल योजनाएं भी संचालित नहंी कर सकी। 6 सौ गांवो के इस जिले में अभी तक 238 नलजल योजनाएं स्थापित की गईं हैं। इनमें भी 26 की संख्या में बंद पड़ी हैं और लगभग 18 की संख्या में ऐसी हैं जो अभी तक ग्रामपंचायतों को हैण्डओव्हर नहीं की जा सकीं हैं। दो योजनाएं तो ऐसी हैं जिनके स्त्रोत ही सूख गए हैं। ज्ञातव्य हो कि इस संबंध में पूर्व व वर्तमान कलेक्टरों ने बैठकों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग को लगातार निर्देशित भी किए गये थे। इन 34 योजनाओं में सरकार ने औसतन 1 करोड़ 70 लाख रुपए का व्यय कर दिया लेकिन ग्रामीणों को पानी नहीं मिला।
सर्वे कराया, बोर नहीं हुआ
विभाग ने योजनाएं स्थापित करने उन स्थानों का सर्वे किया है जहां जमीन के अंदर भरपूर जल है। इन स्थानों में बोर कराए जाने हैं लेकिन अभी तक बोर नहीं कराए जा सके। इन गांवो के लोग नलजल योजनाओं की सुविधा से वंचित हैं। बताया गया कि मानपुर विकासखण्ड अंतर्गत दमोय तथा बिझरिया की नलजल योजनाओं के स्त्रोत सूख जाने के कारण यह योजनाएं बंद पड़ीं हैं। यहां योजनाओं के संचालन के लिए महीनों से विभाग कवायद कर रहा है पर स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पीएचई भूगर्भ जल स्तर का सर्वे कराने और अच्छेे जल स्त्रोतों वाले स्थलों का चयन करने में पहले गंभीरता नहीं बरतता। फिर जलस्तर घट जाने अथवा स्त्रोत सूख जाने से योजनाएं फेल हो जातीं हैं।
अब तक सुधार कार्य नही
गांवो की जो 18 योजनाएं बंद पड़ीं हैं उनमें अधिकांश ऐसी हैं जिनमें या तो पाइपों की कमी है या फिर बिजली का संकट है। कहीं मोटर जली है तो कहीं बिजली का कनेक्शन अस्त-व्यस्त है। पीएचई और पंचायतों के सरपंच इन योजनाओं का सुधार कार्य नहीं करा सके। जबकि बताया जाता है कि शासन ने पेयजल व्यवस्था के लिए पाइप आदि के भरपूर संसाधन उपलब्ध कराए हैं। कामकाजी लोगों का स्टाफ भी पर्याप्त रहा। टूर और सामग्री लाने ले जाने के लिए वाहन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। इसके बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों रही। ठंड में तो यहां से लोगों को पानी मिला ही नहीं अभी गर्मी में भी वही स्थिति है।
नहीं पूरा हुआ काम
जिले में 26 की संख्या में योजनाएं इसलिए हैण्डओव्हर नहीं हो पा रहीं हैं क्योंकि उनके कार्य अभी पूर्ण नहंी हो पाए हैं। कहीं विद्युत कनेक्शन बाकी है तो कहीं पाइप नही बिछायी गई है। कुछ जगहों में ट्रायल के लिए सार्वजनिक नल नहीं लगवाए जा सके हैं। बताया गया कि प्रावधान के अनुसार ग्रामपंचायतों को यह योजनाएं तभी हैण्डओव्हर किया जा सकता है जब उनका कार्य पूर्ण हो जाए और पीएचई उसकी सप्लाई का ट्रायल लेकर आपूर्ति से संतुष्टि हो जाए। कुछ ग्रामपंचायतो में पंप आपरेटरों की उपलब्धता की भी समस्या है।
जलकर से चलाएंगी ग्रामपंचायतें योजना
गावों में पेयजल की सुचारु आपूर्ति के लिए शासन ने बीते गर्मी में यह निर्णय लिया गया था कि चूंकि ग्रामपंचायतें योजनाओं का जिम्मेदारी से संचालन नहीं कर पातीं हैं इसलिए योजनाओं का संचालन पीएचई के जिम्मे रहे। लेकिन बाद में इस निर्णय में परिवर्तन कर पूर्व के ही नियम को यथावत रखा गया कि योजनाओं का संचालन ग्रामपंचायतें ही करेंगी। इसके लिए वे जलकर वसूल कर योजना संचालन के लिए अपनी आर्थिक व्यवस्था करेंगी। ग्रामीणों की जल समितियां बनाए जाने के निर्देश दिए गए थे।
नलजल योजनाओं की व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल्दी ही योजनाएं ग्रामपंचायतों को हैण्डओव्हर कर दी जाएंगी। कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं।
एचएस धुर्वे प्रभारी एसडीओ, पीएचई उमरिया

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