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मुस्लिमों ने कहा काबे जैसा बनारस, हिन्दुओं ने कहा राम रहीम की धरती, फिर दंगा होते होते रह गया 

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मुस्लिमों ने कहा काबे जैसा बनारस, हिन्दुओं ने कहा राम रहीम की धरती, फिर दंगा होते होते रह गया

आवेश तिवारी
वाराणसी। रविवार रात बनारस में भड़के साम्प्रदायिक तनाव के बाद सुबह हमेशा की तरह खुशगवार है ।कांवरियों के जुलुस बाबा विश्वनाथ को जल चढाने निकले हैं रास्ते में मुस्लिम बहुल नई सड़क है जहाँ के रहने वाले शिराज आने जाने वाले कांवरियों को पानी और शरबत पिला रहे हैं। उधर सोनारपुरा में एक चाय की दूकान पर बैठकर शौकत और राजीव साथ ही अखबार पढ़ रहे हैं। बीती रात जब बवाल भड़का तो वाराणसी पुलिस ने समझदारी का परिचय देते हुए दोनों ही पक्षों के कुछ मानिंद लोगों को लेकर प्रभावित इलाकों में मार्च किया ,हिन्दुओं ने लड़कों को समझाया कि बनारस हिन्दू मुस्लिम सभी का है ,वही मुस्लिमों ने कहा कि काबा और काशी दोनों ही हमें प्यारे हैं। फिर क्या था युवाओं ने हाथों के पत्थर फेंके नारेबाजी बंद हुई और सभी अपने अपने घर लौट गए ।

कायम हुआ मुकदमा
इस बीच सिगरा थाना क्षेत्र में हुए बवाल को लेकर कुछ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। अभी भी इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात है और आला अधिकारी क्षेत्र का घूम-घूमकर मुआयना कर रहे हैं।देर रात अधिवक्ता महेंद्र सिंह मिंटू की तहरीर पर सिगरा थाने में मुकदमा संख्या 481/17 दफा 147,148,323,504,506,436,427,395 के तहत डॉ ख्वाजा, सज्जाद,खुर्शीद,राजू,रिंकू,सरफराज, बबलू,मुख्तार, मुंशी,तौफीक एवं 200-300 अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया है।

डीजीपी को दी गई सूचना
इस पूरे मामले में दुखद यह रहा कि स्थानीय इंटेलिजेंस को ऐसा होने की थोड़ी सी भी भनक नहीं लगी लेकिन पुलिस के आला अधिकारी और जिला प्रशासन सही समय से मौके पर पहुँच गए । पूरे मामले की जानकारी लखनऊ में डीजीपी और मुख्य सचिव को दे दी गई है। मामले को तूल देने वाले लोगों की पहचान हो गई है।माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटों में इस मामले में गिरफ्तारियां हो सकती है।

क्या था मामला
वाराणसी के सिगरा इलाके में मस्जिदों का एक समूह है, जिसके आस पास की जमीन हमेशा से विवादित रही है । इससे सटी विवादित जमीन पर पेशे से अधिवक्ता महेंद्र सिंह मिंटू पशुओं को बांधते हैं। रविवार दोपहर महेंद्र सिंह उस जगह पर पोताई करा रहे थे। इसका दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया। इसपर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा तभी कुछ लोगों ने पथराव कर दिया जिसमें अधिवक्ता जख्मी हो गए। पुलिस ने पहुंचकर सभी को हटाया। पुलिस को लगा कि मामला शांत हो गया लेकिन फिर खबर आई कि वकील साहब मस्जिद की जमीन पर कब्जा कर निर्माण करा रहे है। जिसको सुनकर रात लगभग नौ बजे सैकड़ों युवक पत्थर व लाठी-डंडा लेकर मस्जिद वाली गली में विवादित जमीन पर पहुंचे। जहां पशुओं को बांधा गया था वहां आग लगाने के बाद मड़ई को तोड़ दिया। फोर्स पहुंची तो पुलिसकर्मियों पर भी पथराव कर दिया गया। फंसे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह जान बचाई।

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