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UP Election 2017

देरी से पहुंचे प्रत्याशी ने किया हंगामा, देर तक चला नाटक

Updated: IST Nomination
नहीं मिला नामांकन करने का मौका, जानिए क्या है कहानी

वाराणसी. नामांकन के अंतिम दिन उस कचहरी में कुछ देर के लिए अजीब स्थिति बन गयी जब देर से पहुंचे प्रत्याशी ने हंगामा कर दिया। पुलिस वालों ने प्रत्याशी व उनके समर्थकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। काफी देर तक धरना देने के बाद भी जब काम नहीं हुआ तो समर्थक को निराश होकर जाना पड़ा।
नामांकन के लिए सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक का समय निर्धारित किया गया था। अंतिम दिन होने के चलते नामांकन के लिए प्रत्याशियों की भीड़ लगी रही। नामांकन के कक्ष के अंदर रिटर्निंग ऑफिसर लगातार सबको नामांकन करा रहे थे। इसी बीच दोपहर तीन बजे का समय खत्म होने के बाद शिवपुर विधानसभा से नामांकन करने के लिए नितिन सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। पुलिस वालों ने सहृदयता दिखाते हुए नितिन सिंह को अंदर जाने दे दिया। लेकिन समय खत्म हो जाने के चलते रिटर्निंग ऑफिसर ने नितिन व उनके समर्थकों को बाहर कर दिया। इसके बाद फिर से नितिन फिर से नामांकन कक्ष में जाने का प्रयास करने लगे तो पुलिस वालों ने रोक दिया। नितिन ने ऐसा कुछ कहा कि एक पुलिसकर्मी ने तुरंत ही अपने पैर से उसकी बात का जवाब दिया। इसके बाद नितिन व उनके समर्थकों ने वहां पर हंगामा करना शुरू कर दिया। नितिन के समर्थकों ने नामांकन की मांग को लेकर वहां पर धरना देना शुरू कर दिया।

सीओ कैंट ने संभाली स्थिति, नहीं मिल पाया नामांकन का मौका

हंगामे की जानकारी मिलते ही वहां पर सीओ कैंट राजकुमार यादव व कैंट थाना प्रभारी अबरार अहमद पहुंच गये। सीओ कैंट ने समझा कर शांत कराया। इसके बाद एक पुलिसकर्मी को मतदान कक्ष में भेजा और बताया कि एक व्यक्ति दोपहर में 2.55 बजे आने का दावा कर रहा है। क्या वह नामांकन कर सकता है। पुलिसकर्मी ने रिटर्निंग ऑफिसर से पूछा तो उन्होंने समय खत्म होने की बात कही। इसके बाद भी नितिन सिंह व उनके समर्थक नहीं माने वहीं पर धरना देने लगे। काफी देर तक हंगामा करने के बाद जब नामांकन का मौका नहीं मिला तो प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ वहां से चला गया।

नामांकन के दौरान पुलिस ने दिखाया संयम का परिचय
नामांकन के दौरान वकीलों की भिडंत व दो गुटों में मारपीट हुई। इसके अतिरिक्त कचहरी परिसर व रायफल क्लब के बाहर के चौराहे पर पुलिस वाले दिन भर तैनात रहे। यहां पर कई बार प्रत्याशी व समर्थकों के साथ पुलिस की नोकझोंक हुई। कई बार तो ऐसी स्थिति बनी कि पुलिस को खून का घुट भी पीना पड़ा। इसके बाद भी पुलिस ने संयम दिखाते हुए नामांकन प्रक्रिया पूर्ण करायी। फोर्स की कमी से जूझ रही पुलिस ने कुछ अधिकारी व सिपाहियों के साथ नामांकन प्रक्रिया खत्म करायी।

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