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यहां का हर शख्स है 'दाना मांझी', इलाज के लिए तय करते हैं 40 किलोमीटर का सफर

Updated: IST treatment
सोनभद्र के आदिवासी इलाके आज भी विकास से कोसों दूर

वाराणसी. यूपी की अखिलेश सरकार चुनाव नजदीक आते ही एक बार फिर जनता के बीच अपने कामों को लेकर जा रही है। सरकार इस दौरान अपनी उपलब्धियां भी गिनाने में पीछे नहीं है। राज्य सरकार समाज के हर तबके के विकास की बात भी कर रही है, मगर सरकार के दावे और हकीकत में जमीन- आसमान का फर्क है। समाजवादी सरकार में विकास का यह आलम है कि आज भी मरीजों को इलाज के लिए 40 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ता है ।

वाराणसी से सोनभद्र की दूरी लगभग 120 किलोमीटर है। इस इलाके में विकास का आलम यह है कि जिले के कई इलाकों में आज भी प्राथमिक सुविधायें लोगों तक नहीं पहुंच पाई है। लोगों को इलाज के लिए 40-50 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ता है। अखिलेश सरकार ने सुदूर गांवों तक एंबुलेंस के जरिये लोगों को अस्पताल तक लाने की शुरूआत की थी, मगर यह योजना भी इन इलाकों के कोसो दूर हैं।

डायरिया ने मचा रखी है तबाही
देश में सबसे ज्यादा बिजली पैदा करने वाले ब्लॉक म्योरपुर में इन दिनों मौत का तांडव मचा हुआ है । रिहन्द डैम से सटे पाटी गांव में डायरिया से सात लोगों की मौत हो गयी है और दर्जनों इसकी चपेट में आने से बिस्तर पर पड़े हैं । तीन साल पूर्व एक माह में 21 मौतों के बाद चर्चा में आये पाटी गांव में आज भी इलाज के लिए आदिवासियों व ग्रामीणों को 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय करके म्योरपुर सामुदायिक केन्द्र पर आना पड़ता है ।

स्थानीय लोगों के अनुसार गांव के नजदीकी पीएचसी में डॉक्टर अनुपस्थित रहते हैं, जिसकी वजह से उन्हें कई किलोमीटर का सफर तय कर इलाज कराने आना होता है और आए दिन मरीज की रास्ते में ही मौत हो जाती है।

बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते लोग
म्योरपुर के अलावा सोनभद्र के चोपन और दुद्धी इलाके का भी यही हाल है। लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। इन इलाकों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति भी यही है। सोनभद्र प्रदेश को सर्वाधिक राजस्व, ऊर्जा, खनिज और वन संपदा देने वाला जिला है, मगर यहां विकास के नाम पर कुछ नजर नहीं आता आजादी के सात दशक बीत चुके हैं मगर खनिज संपदा से भरे इस जिले की बड़ी आबादी के पास पीने को शुद्ध पानी नहीं है। मानो विकास के नाम पर इन इलाकों में लूट मची है।

पानी के लिए भी तय करते हैं मीलों का सफर
सोनभद्र के म्‍योरपुर और चोपन ब्‍लॉक के कई गांवों में पानी की समस्या काफी विकराल है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण पानी में फ्लोराइड के साथ मरकरी भी काफी मात्रा में मौजूद है। पानी की वजह से फ्लोरोसिस बीमारी का कहर भी यहां देखने को मिलता है, मगर सरकार को इस इलाके की सुध तक नहीं है।

विधानसभा चुनाव सिर पर है, वायदे एक बार विकास के किये जा रहे हैं। राजनेता वोट के नाम पर एक बार फिर इलाके के विकास की बात कर रहे हैं, मगर अब लोगों को भी राजनेताओं की बातों पर यकीन नहीं होता ।

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