Patrika Hindi News
Bhoot desktop

PM मोदी का गंगा वाटर ट्रांसपोर्टेशन प्लान मां गंगा के जल प्रवाह में बन रहा बाधक

Updated: IST Ganga
मां गंगा में ऑक्सीजन लेवल शून्य होने का खतरा, मर सकते हैं जलीय जीव। आईआईटी बीएचयू ने लिए गंगा जल के नमूने। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी जुटा जांच में।

डॉ.अजय कृष्ण चतुर्वेदी

वाराणसी. पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा परिवहन से मां गंगा के जीवन पर खतरा पैदा हो गया है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा किनारे रामनगर में निर्माणाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल से गंगा जल का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। ऐसी आशंका क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने व्यक्त की है। उन्होंने पत्रिका से बातचीत में कहा कि गंगा जल के नमूने एकत्र कर जांच कराई जा रही है। मंगलवार तक रिपोर्ट आने के बाद उसे उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मुख्यालय भेजा जाएगा। बता दें कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना गंगा वाटर ट्रांसपोर्टेशन के तहत ही रामनगर में मल्टी मॉडल टर्मिनल का निर्माण हो रहा है। इस बीच आईआईटी (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) ने भी गंगा जल के नमूने एकत्र कर उसकी जांच शुरू कर दी है।

इस बीच नदी वैज्ञानिकों की मानें तो गंगा में सीवर का गंदा पानी गिरने से ऑक्सीजन लेवल शून्य होने का खतरा पैदा हो गया है। अगर ऐसा होता है तो जलीय जीव जंतुओं के जीवन पर बड़ा संकट मंडराने लगेगा। इसकी जानकारी होने पर आईआईटी (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) ने पहल करते हुए सामने घाट क्षेत्र से गंगा जल के नमूने एकत्र कर जांच शुरू कर दी है। यह जानकारी आईआईटी के केमिकल इंजीनियरिंग के प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने पत्रिका को दी। उन्होंने बताया कि गंगा जल के नमूनों की जांच शुरू कर दी गई है दो दिन में इसकी रिपोर्ट आ जाएगी।

प्रो. मिश्र ने पत्रिका को बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि गंगा के दोनों किनारों पर जल हरा होने लगा है। ऐसे में विभागीय टीम भेंज कर सामने घाट से कुछ नमूने लिए गए हैं। प्रयोगशाला में उन नमूनों की रासायनिक पड़ताल शुरू कर दी गई है। कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि गंगा जल में प्रदूषण की ताजा स्थिति क्या है। उन्होंने बताया कि जिस तरह से गंगा में सीवेज का गिरना जारी है उससे प्रदूषण स्तर में बढ़ोत्तरी की आशंका जताई जा रही है।

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी घनश्याम ने पत्रिका संग बातचीत में बताया कि सामनेघाट सामनेघाट, ज्ञान प्रवाह के आसपास तीन स्थानों पर गंगा के अपस्ट्रीम में नालों से सीधा सीवेज जल गिराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रामनगर और सामनेघाट में गंगा के किनारों पर पानी हरा हो गया है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मंगलवार तक मिल जाएगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट को बोर्ड के लखनऊ स्थित मुख्यालय भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि अपस्ट्रीम में गंगा में कई समस्याएं एक साथ दिख रही हैं। सबसे पहले तो नदी के प्रवाह में काफी कमी दिख रही है। रामनगर में निर्माणाधीन जलपोत टर्मिनल से भी प्रवाह प्रभावित हो रहा है। सीवेज का फ्लो बढ़ने से किनारों पर ठहरे पानी में नाइट्रोजन व फास्फोरस की अधिकता हो गई है। घनश्याम ने स्पष्ट किया कि गंगा में केमिकल बहाए जाने का कोई संकेत फिलहाल नहीं मिले हैं।

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???