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पैसा है न राशन, कैसे बंटे पोषण आहार

Updated: IST vidisha
हैदरगढ़ क्षेत्र की आंगनबाडिय़ों में नहीं बंट रहा पोषण आहार, भूखे लौट जाते हैं कई बच्चे

विदिशा. कुपोषण के नियंत्रण के प्रयासों से आत्ममुग्ध प्रशासन की पोल आंगनबाड़ी केन्द्रों पर खुल रही है। पोषण आहार तो दूर कई आंगनबाडिय़ों पर बच्चों को नाश्ता-खाना कुछ नहीं मिल पा रहा। भूखे बच्चे नाश्ते-खाने के इंतजार में केन्द्र पर तीन-तीन घंटे बैठे रहने के बाद वापस लौट रहे हैं। बच्चों को पौष्टिक नाश्ता-खाना बनाने वाले स्व सहायता समूहों को महीनों से अनाज नही दिया है। पैसों का भुगतान भी नहीं हुआ है। इसलिए उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।

बुधवार को 'पत्रिकाÓ टीम ने हैदरगढ़ क्षेत्र का जायजा लिया तो वहां की आंगनबाडिय़ों की हालत कुछ ऐसी ही थी। अति कुपोषित बच्चे घरों में बंद हैं। उन्हें न पोषण आहार मिल पा रहा है और न उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र पहुंचाया जा रहा है। इस स्थिति में बच्चों को शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे बच्चे भी यहां कमजोर नजर आते हैं।

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