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जिले की 85 हजार महिलाओं पर है 108 करोड़ रुपए का कर्ज

Updated: IST vidisha
माईक्रो फायनेंस में नहीं है ऋण माफी, किश्तें जमा करने दे रहे हैं समय

विदिशा. जिले में 85 हजार महिलाओं ने स्व सहायता समूह बनाकर विभिन्न माइक्रो फायनेंस कंपनियों से 108 रुपए का कर्ज ले रखा है। उनके मुताबिक जिले में कंपनियों की 26 ब्रांच कार्य कर रही हैं। जबकि प्रदेश में 1074 ब्रांच हैं। जिनसे 30 लाख महिलाओं को 4372 करोड़ का ऋण दिया गया है।

यह बात माइक्रो फायनेंस कंपनियों के संगठन एमफिन की राज्य प्रकल्प प्रमुख अचला सव्यसांची ने सुरक्षा होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। नोटबंदी के बीच ऋण माफी की अफवाह को स्पष्ट करने आईं अचला ने कहा कि ये माइक्रो फायनेंस कंपनियां भारतीय रिजर्व बैंक से नियमन के अधीन वैधानिक तौर पर कार्य करती हैं। शासन की ऋण माफी की ऐसी कोई योजना नहीं है। कर्ज लेने वाली महिलाओं को किश्त जमा करने के लिए कुछ समय दिया जा सकता है।उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बीच कंपनियों के ऋण माफी की अफवाह फैल गई है। इस कारण वे प्रदेश के दौरे पर हैं। इस दौरे में उन्होंने कंपनियों से ऋण लेने वाली महिलाओं की समस्याएं भी सुनी है। उन्होंने बताया कि किश्त जमा करने में महिलाओं को नोटबंदी के अलावा अन्य व्यवहारिक कठिनाइयां आ रही हैं। इसके लिए किस्त जमा करने समय दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न कंपनियों द्वारा नियमानुसार आसान किश्तों में राशि दी जाती है। समय पर किश्त देने से परिवार पर आर्थिक भार नहीं आता। वरन किश्तें बकाया हो जाने पर परिवार की मुश्किल बढ़ जाती है। पत्रकार वार्ता में फ्यूजन कंपनी के राज्य प्रमुख रमेश चौबे एवं विजय कश्यप भी मौजूद रहे।

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