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जब मांगे तब स्तनपान कराएं तो बच्चा रहेगा हैल्दी 

Updated: IST Breastfeeding
शोधों के अनुसार मांगने पर ही बच्चों को दूध पिलाने से बच्चे कहीं ज्यादा फिट रहते हैं।

बच्चे खासकर नवजात शिशु के लिए मां का दूध अमृत है तो मां को यह जानना भी जरूरी है कि बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग कब करवाएं। कई मांएं दवा के डोज की तरह निश्चित समय पर दुग्धपान करवाती हैं तो कई मांएं डिमांड पर यानी बच्चे के रोने पर। वर्किंग मदर की ब्रेस्ट फीडिंग का अपना टाइम व अपना टाइम टेबल होता है। कई चिकित्सकीय अध्ययनों का निष्कर्ष है कि बच्चे को निश्चित व निर्धारित समय पर ब्रेस्ट फीडिंग से अच्छा है ऑन डिमांड फीडिंग यानी जब बच्चा भूखा हो तब उसका पेट भरे।
डिमांडिग बच्चा ज्यादा फिट
यूरोपियन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसार रूटीन ब्रेस्ट फीडिंग बच्चेे के पोषण और वजन बढऩे में सहायक है। रूटीन फीडिंग जिन बच्चों को मिलता है, वे अच्छी और लंबी नींद लेते हैं, लेकिन अध्ययन से यह भी पता चला कि डिमांड फीडिंग लेने वाले बच्चों की तुलना में बड़े होने पर वे पढ़ाई के मामले में कमजोर होते हैं। डिमांड फीडिंग तेजी से होती है। भूखा होने से बच्चा तेजी से व अच्छी तरह से दूध खींचता है। उसका वजन भी तेजी से बढ़ता है और तुलनात्मक रूप से स्वस्थ रहता है।

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