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देश में बढ़ रही है असहिष्णुता

Updated: IST sonu nigam
पूरा देश फिर से चिल्ला उठा अरे भाई ये क्या बोल दिया

पिछले दिनों की तीन बड़ी खबरे आयी । पहली स्नैपचैट के सीईओ ने कहा वे अपनी सेवाओं का विस्तार भारत जैसे ' गरीब' देश में नही करना चाहते। ये बयान किसी पुर्व कर्मचारी के द्वारा मीडिया में लीक किया गया था। जैसे ही ये खबर आयी पूरा सोशल मीडिया देशभक्ति के रंग से रंग गया, स्नैपचैट को लाखों लोगो ने अनइंस्टाल तो किया ही, भारतीय हैकरों ने भी अपना निशाना साधा। कारण था भाई हम लोगो को गरीब कैसे कह दिया दूसरा वाकया लोकप्रिय सिंगर सोनू निगम के बयान को लेकर हुआ जहाँ उन्होंने कहा कि मै मुस्लिम नही हूँ फिर भी सुबह अजान की आवाज़ से जागा, पता नही कब तक धार्मिक रीतियों को जबरस्ती ढोना पड़ेगा। उन्हें उन लाउडस्पीकर्स से आपत्ति थी जो हर धार्मिक उत्सवों में जोर शोर से बजाये जाते है।

पूरा देश फिर से चिल्ला उठा अरे भाई ये क्या बोल दिया? मौलवियों ने फतवा जारी कर दिया, लाखो का इनाम जारी

कर दिया। सोनू निगम अब सिर मुंडाए घूम रहे है। तीसरी खबर है तेज बहादुर यादव की जिसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उसने बताया कि देश के लिए मर मिटने वाले सैनिको को दो वक्त का खाना भी नसीब नही होता।

खबर आयी कि बीएसफ की छवि खराब करने के लिए उन्हें सेना से बर्खास्त कर दिया गया। ये तीन खबरे सिर्फ एक और ही इशारा करती है कि हम कितने असहिष्णु हो गए है। हमने सुनना छोड़ दिया है, क्योंकि उतना धैर्य हममे बचा ही नही है।

स्नैपचैट के सीईओ के बयान के बाद ये जानने की कोशिश किसी ने नही की कि इसमें सच्चाई है या नही, ये बयान भारत और स्पेन दोनों के बारे में था पर स्पेन के लोगो ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नही दी क्योंकि उनके लिए इतनी कोई महत्वपूर्ण बात नही थी।

सोनू निगम ने लाउडस्पीकर्स से होने वाली परेशानी पर ध्यान आकर्षित किया। ये बात कोई नही नही है, कि लाउडस्पीकर्स

न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाते है, बल्कि लोगो की परेशानी का कारण है। उन विधार्थियो से पूछिए जिनकी परीक्षा है और ये लाउडस्पीकर्स उन्हें चैन से पढ़ने नही देते। रोगियों को, छोटे बच्चो को सबको दिक्कत होती है। सेना के जवान को निकाला जाना सेना के लिए शर्म की बात है कि आप समस्या की हल करने की बजाय उस आवाज़ को ही दबा देना उचित समझते हो जिसने समस्या को सबके सामने रखा, तानाशाही हमेशा विध्वंस का कारण रही है, ये बात जाननी जरुरी है।

ये तीन खबरे हमारी मानसिकता को उजागर करते है। अचानक ही हम इतने असहिष्णु कैसे हो गए है ? क्यों हमे सच्ची बाते चुभती है? क्यों हम अपने दिमाग से काम नही लेते। स्नैपचैट से खुद को निकाल लेना आपको देशभक्त नही बनाता, इससे अच्छा होगा देश के लिए कुछ करो। लोगो को चाहिए कि सोशल साइट्स पर ऐसी खबरों को प्रतिक्रिया देने की बजाय उन्हें दरकिनार करे, ताकि खबरे बेचने वालों को उचित जवाब मिल सके। वैसे भी इस देश में बहुत समस्याएं है, जिनके समाधान की जरूरत है। साथ ही जरूरत है थोड़े धैर्य, थोड़े संयम और थोड़े सहिष्णु बनने की।

डॉ शिल्पा जैन सुराणा

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