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आज प्रदोष के दिन बना रवियोग, इन दुष्ट और शुभ कार्यों के लिए बन रहा है मुहूर्त

Updated: IST aaj ki kundli
त्रयोदशी जया संज्ञक तिथि रात्रि 11.16 तक, तदन्तर चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि रहेगी

त्रयोदशी जया संज्ञक तिथि रात्रि 11.16 तक, तदन्तर चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि रहेगी। त्रयोदशी तिथि में जनेऊ को छोड़कर समस्त शुभ व मंगल कार्य यथा विवाह, यात्रा, प्रवेश, वस्त्रालंकार व युद्धादि कार्य सिद्ध होते हैं। चतुर्दशी तिथि में अग्निविषादिक असद् कार्य, बंधन व शस्त्रादि दूषित कार्य सिद्ध होते हैं।

नक्षत्र: हस्त 'क्षिप्र व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र प्रात: 9.44 तक, तदुपरान्त चित्रा 'मृदु व तिङ्र्यंमुख' संज्ञक नक्षत्र है। हस्त नक्षत्र में यात्रा, विवाह, विद्या, अलंकार, गृहारम्भ, वस्त्र, प्रतिष्ठादिक कार्य तथा चित्रा नक्षत्र में शांति, पुष्टता, कारीगरी, वास्तु, वस्त्र व जनेऊ आदि के कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। योग: वज्र नामक नैसर्गिक अशुभ योग अपराह्न 3.10 तक, तदन्तर सिद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग है। वज्र नामक योग की प्रथम तीन घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। जो निकल चुकी है। विशिष्ट योग: रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग प्रात: 9.44 से सम्पूर्ण दिवारात्रि है। तिथि, वार, नक्षत्रजन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारम्भ के लिए मार्गप्रशस्त करता है रवियोग। करण: कौलव नाम करण प्रात: 10.30 तक, तदन्तर तैतिलादि करण हैं।

शुभ विक्रम संवत् : 2074

संवत्सर का नाम : साधारण

शाके संवत् : 1939

हिजरी संवत् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : ग्रीष्म

मास : वैशाख। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त : आज विवाह का चित्रा नक्षत्र में तथा गृहारम्भ, गृहप्रवेश, देवप्रतिष्ठा, विपणि-व्यापारारम्भ, वाहन क्रय, मशीनरी, कलकारखाना आरम्भ, वधू-प्रवेश, द्विरागमन, मुण्डन, सगाई-सम्बंध, नामकरण, अन्नप्राशन, कूपारम्भ, हलप्रवहण, कर्णवेध आदि सभी के हस्त व चित्रा नक्षत्र में तथा प्रसूतिस्नान व जलवे का हस्त नक्षत्र में शुभ मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय प्रात: 7.26 तक अमृत, प्रात: 9.05 से पूर्वाह्न 10.44 तक शुभ तथा दोपहर बाद 2.02 से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11.57 से दोपहर 12.49 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज भौम प्रदोष व्रत व ग्रीष्मोत्सव प्रारम्भ तीन दिन का माऊंट आबू राजस्थान में। दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद रहेगी। चन्द्रमा: चन्द्रमा रात्रि 10.51 तक कन्या राशि में, इसके बाद तुला राशि में रहेगा। राहुकाल: प्रात: 7.30 से प्रात: 9.00 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ठ,पे,पो,र,री) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। रात्रि 10.51 तक जन्मे जातकों की जन्म राशि कन्या व इसके बाद जन्मे जातकों की राशि तुला है। इनका रजतपाद से जन्म हुआ है। जो शुभ है। सामान्यत: ये जातक धनवान, पराक्रमी, बुद्धिमान, राज-समाज में मान-सम्मान पाने वाले, शास्त्रों के जानने वाले, भाग्यशाली, नीति-कुशल व सौंदर्य-प्रसाधन प्रेमी होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 30-32 की आयु तक होता है। कन्या राशि वाले जातक आज परोपकार के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। कुछ व्यय भी करना पड़ सकता है।

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