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आज इन सभी कार्यों के लिए बना है शुभ संयोग, आप भी ऐसे फायदा उठाएं

Updated: IST aaj ki kundli
द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि सम्पूर्ण दिवारात्रि है

द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि सम्पूर्ण दिवारात्रि है। द्वितीया तिथि में सभी स्थिर संज्ञक कार्य, प्रतिष्ठा, विवाह व उपनयन आदि विषयक शुभ कार्य, वास्तु- गृहारम्भ, प्रवेश, यात्रा, शांतिकर्म, गायन-वादन सम्बंधी शिक्षा तथा अन्य आवश्यक घरेलू उत्सव व कार्यादि शुभ होते हैं।

नक्षत्र: अनुराधा 'मृदु व तिर्यंकमुख' संज्ञक नक्षत्र रात्रि 8.13 तक, तदुपरान्त ज्येष्ठा 'तीक्ष्ण व तिर्यंकमुख' संज्ञक नक्षत्र है। ज्येष्ठा गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। अत: ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्मे जातकों की नक्षत्र शांति (मूल शांति) करना जातकों के हित में होगा। अनुराधा नक्षत्र में सभी शुभ व मांगलिक विवाह, जनेऊ, वास्तु आदि विषयक कार्य शुभ कहे गए हैं।

योग: परिघ नामक नैसर्गिक अशुभ योग सायं 5.48 तक, तदुपरान्त शिव नामक नैसर्गिक शुभ योग है। विशिष्ट योग: सूर्योदय से रात्रि 8.13 तक राजयोग नामक शुभ योग है। राजयोग में समस्त धार्मिक व मांगलिक कार्य शुभ होते हैं।

करण: तैतिल नामकरण सायं 6.40 तक, इसके बाद गरादि नामकरण है।

शुभ विक्रम संवत् : 2074

संवत्सर का नाम : साधारण

शाके संवत् : 1939

हिजरी संवत् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : ग्रीष्म

मास : ज्येष्ठ। पक्ष - कृष्ण।

शुभ मुहूर्त : आज अनुराधा नक्षत्र में यथा आवश्यक विवाह, उपनयन, गृहारम्भ, गृहप्रवेश, देवप्रतिष्ठा, विपणि-व्यापारारम्भ, वाहन क्रय, मशीनरी प्रारम्भ,, प्रसूतिस्नान, द्विरागमन, चूड़ाकरण, विद्यारंभ, सगाई, रोका, वधू-प्रवेश, नामकरण, अन्नप्राशन व हलप्रवहण आदि के शुभ मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से पूर्वाह्न 10.43 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत, दोपहर 12.23 से दोपहर बाद 2.03 तक शुभ तथा सायं 5.22 से सूर्यास्त तक चर के श्रेष्ठ मुहूर्त हैं एवं दोपहर 11.56 से दोपहर 12.49 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: शब-ए-बारात (मु.)। दिशाशूल: शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि वृश्चिक राशि में रहेगा।

राहुकाल: प्रात: 10.30 से 12.00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (नी,नू,ने,नो,या) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि वृश्चिक तथा जन्म का पाया ताम्र है। सामान्यत: ये जातक विद्या, कला व काम-धंधे में निपुण, धनवान, मान-सम्मान पाने वाले, साहसी, पराक्रमी, मिलनसार, यशस्वी, अध्ययनशील, मृदुभाषी और येन-केन-प्रकारेण से राज्य से धन पाने वाले होते हैं। इनका भाग्योदय कुछ विलम्ब से लगभग 39वें वर्ष के बाद ही होता पाया गया है। वृश्चिक राशि वाले जातकों को आज आकस्मिक धनलाभ होना बनता है। भूमि-भवन, जायदाद सम्बंधी कार्य भी सम्पन्न होने के योग हैं।

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