Patrika Hindi News

आज है भगवान परशुराम जयंती, किया था 21 बार क्षत्रियों का नाश

Updated: IST parshuram
भगवान परशुराम स्वयं विष्णु के अवतार थे

भगवान परशुराम युवाओं के लिए सच्चे मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं। भगवान परशुराम स्वयं विष्णु के अवतार थे। इसलिए स्वयं शक्ति संपन्न थे, लेकिन जिस उद्देश्य से उनका अवतरण हुआ था, उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने कठिन तप और पुरुषार्थ किया।

यह भी पढें: देश के इन 12 ज्योर्तिलिंगों में हैं अनूठा संबंध, दर्शन मात्र से ही मिलता है मोक्ष

यह भी पढें: तंत्र की किताबों में लिखे हैं ये 5 टोटके, कुछ ही घंटों में दिखता है असर

परशुराम ने तपस्या के द्वारा अनेक शक्तियां प्राप्त की। जिनमें भगवान शिव की तपस्या से प्राप्त परशु अस्त्र प्रमुख है, जिसके प्राप्त होने पर ही उनका नाम राम से परशुराम हो गया। इस तथ्य में भी युवाओं को संदेश यही है कि ऐसे सद्कर्म और पुरुषार्थ करें कि उनसे मिले सुफल आपको प्रतिष्ठित कर दें। भगवान परशुराम के गुरु स्वयं संहार और सृजन के देवता भगवान शिव थे।

यह भी पढें: 51 शक्तिपीठों में एक हैं वाराही देवी, दर्शन मात्र से ठीक हो जाती हैं बीमारियां

यह भी पढें: अमावस्या को करें ये छोटा सा अचूक उपाय, मनचाहे काम में सफल होंगे

युवा परशुराम भगवान शिव की घोर तपस्या और सेवा से अनेक अस्त्र-शस्त्र पाए और विद्याओं का प्रयोग कर उन्होंने अनाचारी क्षत्रियों का 21 बार अंत कर पृथ्वी को अत्याचारों से मुक्त किया। भगवान परशुराम द्वारा प्राप्त यह अलग-अलग अस्त्र और विद्या युवाओं को संदेश देते है कि आप लक्ष्य से संबंधित हर विधा में दक्षता हासिल करें। अपने मन और मस्तिष्क को खुला रखकर यथासंभव अधिक से अधिक सीखने की कोशिश करें। खुद को किसी सीमा में न बांधे। परशुरामजी की तरह आदर्श शिष्य बनने की प्रतिबद्धता रखें।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???