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10 माह बीत गए, पर 50 फीसदी भी वसूली नहीं

खनिज अमले को लक्ष्य पाने दो माह में करनी होगी 31.23 करोड़ राजस्व वसूली

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Suresh Kumar Mishra

Jan 21, 2016


रीवा।
खदान संचालकों से राजस्व वसूली में खनिज अमला फिसड्डी साबित हो रहा है। वित्तीय वर्ष के दस माह बीतने के बाद भी लक्ष्य के पचास फीसदी राजस्व खजाने में नहीं पहुंचा।खनिज अमले की दलील है कि पर्यावरण के पेंच में एक साल से खदानें बंद हैं, जिससे राजस्व वसूली प्रभावित है।


जिला खनिज कार्यालय के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2015-16 में 60 करोड़ रुपए राजस्व का लक्ष्य तय किया गया है। अप्रैल से लेकर 31 दिसंबर तक की स्थिति में लक्ष्य में से 28.77 करोड़ रुपए राजस्व की वसूली हुई है। वित्तीय वर्ष का दस माह बीतने के बावजूद जबकि खनिज पचास फीसदी से ज्यादा की राजस्व की पूर्ति नहीं कर सका है।कार्यालय के अनुसार 30 करोड़ रुपए से अधिक जेपी सीमेंट ग्रुप की रायल्टी बकाया है।


छूट रहा पसीना

खनिज अमले को फरवरी से लेकर 31 मार्च तक 31.23 करोड़ रुपए राजस्व वसूली करना होगा।कार्यालय सूत्रों के अनुसार इस साल तय किए गए लक्ष्य के अनुसार वसूली करने में पसीना छूटरहा है। ज्यादातर खदानें बंद होने से ठेकेदारों ने पिटपास ले जाने से हाथ खड़े कर दिए हैं।


अवैध खनन रोकने में अमला नाकाम

हुजूर तहसील के बनकुंइया क्षेत्र से लेकर हनुमना के लोढ़ी-हाटा तक अवैध खनन का कार्य चल रहा है। जिला खनिज विभाग ने बनकुंइया क्षेत्र में 36 लोगों पर अवैध खनन का प्रकरण दर्जकर जिला दंडाधिकारी न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया है। जिसकी कार्रवाई के लिए हुजूर तहसीलदार ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बताया गया कि लोढ़ी-हाटा में निरस्त खदानों पर पटिया-पत्थर की निकासी चल रही है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।


अवैध खनन की सूचना नहीं है, जहां मिलती है वहां पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, मार्चतक तय राजस्व का लक्ष्यपूर्ण कर लिया जाएगा।

एसएम पांडेय, जिला खनिज अधिकारी

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