दिल्ली चुनावः केजरीवाल की हैट्रिक रोकने के लिए बीजेपी-कांग्रेस ने बनाया सॉलिड प्लान

  • Delhi Assembly Electinon राजधानी में बढ़ा सियासी पारा
  • Arvind Kejriwal की हैट्रिक रोकने के लिए बीजेपी-कांग्रेस बेताब
  • लगातार तीसरी बार जीत रोकने लिए बनाया प्लान

By: धीरज शर्मा

Published: 01 Feb 2020, 12:54 PM IST

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली ( Delhi ) में भरी सर्दी में सियासी हलचल ने गर्मी बढ़ा दी है। विधानसभा चुनाव ( Delhi Assembly Election ) के चलते राजनीतिक दलों के बीच घमासान जारी है। एक तरफ आम आदमी पार्टी ( Aam Aadmi Party ) अपने विकास के नाम पर दोबारा सत्ता में आने की कोशिश में लगी है तो दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल ( Arvind Kejriwal ) के विजय रथ को रोकने के लिए अब बीजेपी ( BJP ) और कांग्रेस ( Congress ) दोनों सॉलिड प्लान तैयार किया है।

राजधानी में तीसरी बार आम आदमी पार्टी के जरिये केजरीवाल की वापसी ना हो इसके लिए अब बीजेपी और कांग्रेस ने कमर कस ली है। इसके तहत दिल्ली विधानसभा चुनाव की सबसे हाई प्रोफाइल माने जाने वाले नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हैट्रिक से रोकना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।

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चला युवा दांव
हैटिक बनाने का लक्ष्य लेकर उतरने वाले केजरीवाल को रोकने के लिए भाजपा ने इस बार उनके सामने युवा सुनील यादव को उतारा है।

वहीं कांग्रेस से रोमेश सब्बरवाल किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में जीत के दावे सभी कर रहे हैं, लेकिन केजरीवाल के सामने इनका दावा कितना मजबूत है, यह 11 फरवरी को ही पता चल सकेगा।

दिग्गजों ने संभाली कमान
बीजेपी के तेज तर्रार सांसदों से लेकर कई केंद्रीय मंत्री तक इस सीट पर केजरीवाल के किले को ध्वस्त करने की रणनीति बनाने में जुटे हैं।

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दोगुना फायदे देने की तैयारी
बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र के जरिये भी केजरीवाल की हैट्रिक को रोकने को कोशिश की है। इसमें केजरीवाल सरकार से ज्यादा वादे और दावे शामिल हैं। जनता को लुभाने के लिए पांच गुना ज्यादा बिलजी फ्री देने से लेकर कई महत्ववूर्ण घोषणाएं शामिल हैं।

कांग्रेस ने भी जताया भरोसा
केजरीवाल को रोकने के लिए कांग्रेस ने भी युवा चेहरे पर ही भरोसा जताया है। अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा के करीबी सब्बरवाल को टिकट देने के साथ ही पार्टी के बड़े नेता इस इलाके ताबड़तोड़ रैलियां और प्रचार कर रहे हैं।

शीला दीक्षित को हाराया था
इस सीट पर पहली बार केजरीवाल ने वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को 25 हजार वोटों से हराया था। वहीं 2015 के चुनाव में 31583 मतों से बीजेपी की नुपुर शर्मा को पराजित किया था।

वर्ष 2013 में जहां इस सीट पर 12, वहीं 2015 में 16 उम्मीदवार थे। इस बार के चुनाव में अरविंद केजरीवाल के सामने 27 प्रत्याशी मैदान में हैं। नई दिल्ली सीट पर सभी वर्गो के मतदाता हैं। इसमें झुग्गी वालों से लेकर नौकरशाह व बड़े नेता तक शामिल हैं।

धीरज शर्मा
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