गैबॉन में सेना ने की सत्ता हथियाने की नाकाम कोशिश, प्रशासन ने चार बागियों को किया गिरफ्तार

गैबॉन में सेना ने की सत्ता हथियाने की नाकाम कोशिश, प्रशासन ने चार बागियों को किया गिरफ्तार

Shweta Singh | Publish: Jan, 07 2019 06:22:12 PM (IST) अफ्रीका

सेना ने राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन पर स्थानीय समयानुसार तड़के 4.30 बजे कब्जा कर लिया, ताकि वह नेशनल रीस्टोरेशन काउंसिल के गठन की घोषणा कर सके।

लिबरेविले। अफ्रीका के गैबॉन में सेना ने सोमवार को एक बड़ा कदम उठाया। दरअसल उन्होंने राष्ट्रपति अली बोंगो से असंतोष जताते हुए राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन पर कब्जा कर वहां से देश में अपनी सरकार बनाने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही राजधानी में गोलीबारी जारी होने की खबरें भी आई हैं। हालांकि बाद में सरकार की ओर से हालात काबू में होने का बयान जारी कराया गया।

'राजनीतिक माहौल' कंट्रोल में

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि सेना के कोशिशों के बाद भी वहां 'राजनीतिक माहौल' कंट्रोल में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन ने चार बागियों को गिरफ्तार भी किया है। हालांकि इस मामले में संलिप्त पांचवा सदस्य अभी भी फरार है। दावा किया जा रहा है कि उसकी भी गिरफ्तारी आने वाले समय में कभी भी की जा सकती है।

लोकतंत्र की दोबारा स्थापना के लिए तख्तापलट: सेना

गौरतलब है कि इससे पहले सेना ने दावा किया था कि उसने लोकतंत्र की दोबारा स्थापना करने के लिए तख्तापलट किया है। सेना का कहना था कि 31 दिसंबर को मोरक्को से दिए गए बोंगो के संदेश से निराश है। पिछले साल अक्टूबर से बीमार चल रहे बोंगो मोरक्को में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। सेना ने कहा कि बीमार राष्ट्रपति के संदेश से उनके सत्ता में बने रहने का जोरदार प्रयास दिख रहा था। गैबॉन की डिफेंस एंड सिक्युरिटी फोर्सेस के स्वघोषित देशभक्त आंदोलन के नेता लेंफ्टिनेंट केली ओंडो ओबियांग ने कहा, 'बोंगो का नववर्ष के संबोधन से अपने पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की उनकी क्षमता पर संदेह पैदा करता है।'

तड़के 4.30 बजे किया कब्जा

आपको बता दें कि सेना ने राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन पर स्थानीय समयानुसार तड़के 4.30 बजे कब्जा कर लिया, ताकि वह नेशनल रीस्टोरेशन काउंसिल के गठन की घोषणा कर सके। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लिबरेविले की सड़कों पर टैंक और सैन्य वाहनों को देखा जा सकता है। बोंगो ने 2016 में हिंसा और धोखाधड़ी के बीच हुए चुनाव के बाद अपने दूसरे सात-वर्षीय कार्यकाल के लिए शपथ ली थी।

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