मिस्र के इमाम ने बहु-विवाह प्रथा को महिलाओं के खिलाफ अन्याय बताया

- मिस्र में सुन्नी इस्लाम के सबसे बड़े इमाम का बयान
- शेख अहमद अल-तैयब ने कहा कुरान को सही तरीके से नहीं समझा गया
- विवाद बढ़ने पर बोले,बहु-विवाह पर प्रतिबंध की बात नहीं कही

By: Mohit Saxena

Updated: 04 Mar 2019, 11:20 AM IST

काहिरा। मिस्र में बहु-विवाह को लेकर शीर्ष इस्लामी संस्थान के प्रमुख की टिप्पणी को लेकर हंगाम खड़ा हो गया है। इस्लामी संस्थान अल-अजहर के प्रमुख इमाम का कहना है कि बहु-विवाह प्रथा को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अन्याय की संझा दी जानी चाहिए। मिस्र में सुन्नी इस्लाम के सबसे बड़े इमाम शेख अहमद अल-तैयब ने कहा कि बहु-विवाह के लिए अकसर कुरान का हवाला दिया जाता है, लेकिन ऐसा कुरान को सही तरीके से नहीं समझने की वजह से है। उन्होंने मीडिया में दिए एक साक्षात्कार में यह बात कही है। लेकिन जब इस टिप्पणी पर विवाद हुआ तो अल-अज़हर ने सफाई दी कि इमाम बहु-विवाह पर प्रतिबंध लगाने की बात नहीं कह रहे हैं। इमाम ने ये दोहराया है कि एक स्त्री से विवाह नियम है और बहु-विवाह अपवाद है।

महिलाएं समाज के आधे हिस्से का नेतृत्व करतीं हैं

शेख़ अहमद अल-तैयब ने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि महिलाओं के मुद्दों को जिस तरह निपटाया जाता है, उसमें बड़े सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज के आधे हिस्से की नेतृत्व करती हैं। यदि हम उनका ध्यान नहीं रखेंगे,तो ये एक पैर पर चलने जैसा होगा। मिस्र की नेशनल काउंसिल फॉर वूमेन ने इमाम की इस टिप्पणी का समर्थन किया है। काउंसिल की अध्यक्ष माया मोरसी ने कहा कि मुस्लिम मज़हब औरतों का सम्मान करता है। महिलाओं को न्याय और कई अन्य अधिकार मिले हैं जो उन्हें पहले नहीं दिए गए थे।

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