हैदराबाद से आए सीआरएस की शुरुआती जांच ने ही उड़ाए होश

भंडारकुंड ब्रॉडगेज रेल लाइन को सर्टिफाइड करने हैदराबाद से पहुंचे सीआरएस, हर बिंदु पर बारीकी से 

By: prashant sahare

Published: 18 Aug 2017, 05:16 PM IST

छिंदवाड़ा . बैरियर में इतना गैप क्यों है? क्या ये बता सकते हो कि यहां से कोई बाइक लेकर क्रॉसिंग पार कर सकता है या नहीं? अच्छा ये बताओ सुरक्षा की दृष्टि से रैक प्वाइंट की तरफ गेट लगाया जाएगा या नहीं? कुछ ऐसे ही सवालों के साथ हैदराबाद से भंडारकुंड तक ब्रॉडगेज के कार्यों को सर्टिफाइड करने आए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) राम कृपाल का निरीक्षण छिंदवाड़ा स्टेशन से गुरुवार दोपहर को शुरू हुआ। दो दिवसीय दौरे पर आए सीआरएस ने पहले दिन लिंगा तक ब्रॉडगेज के कार्यों को देखा व ट्रैक का निरीक्षण किया। हर एक तकनीकी बिंदु पर बारीकी से जांच की। शुक्रवार को सीआरएस लिंगा से भंडारकुंड तक जांच करेंगे।

गुरुवार सुबह पूर्व निर्धारित समय से लगभग एक घंटे विलम्ब से छिंदवाड़ा स्टेशन पहुंचे और विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। दोपहर बाद वह रैक के पास नागपुर लाइन के स्टार्टिंग प्वाइंट पहुंचे।

यहां रेल फाटक पर लगे बैरियर का निरीक्षण किया। हर बिन्दु पर सीआरएस ने ब्रॉडगेज कन्वर्जन डिपार्टमेंट के चीफ इंजीनियर से जानकारी ली। यहां अधिकारियों का जवाब सीआरएस को संतोषजनक नहीं लगा। इसके पश्चात ट्रैक पर ट्राली दौड़ाने से पहले पूजन किया गया।

सीआरएस ने पूजन के बाद ट्रॉली से ट्रैक का निरीक्षण शुरू किया। उन्होंने लिंगा तक सेफ्टी के नजरिए से रास्ते में हर एक प्वाइंट को देखा।

 

सीआरएस के हर एक बिंदु पर किए जा रहे सवाल ने अफसरों के होश उड़ा दिए। इस दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे डीआरएम अमित कुमार अग्रवाल सहित कई अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे। नागपुर से अधिकारियों को बुलाया सीआरएस ने निरीक्षण के दौरान नागपुर से कुछ अधिकारियों की उपस्थिति न होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने तत्काल कहा कि आप उन्हें यहां बुलाएं।


स्टेशन पर मिलीं कई खामियां
निरीक्षण के दौरान सीआरएस को छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पर कई खामियां भी देखने को मिली । टै्रक के समीप बने बॉक्स कहीं ऊंचे तो कहीं नीचे थे। वही स्टेशन पर सेवाओ की जानकारी देने के लिए कई बॉक्स तो टांगे गए हैं लिकिन उनमें उल्लेखित हिंदी के कई शब्द गलत मिले। इस पर नाराजगी जाहिर की।


सीआरएस स्पेशल वाहन पहुंचा
छिंदवाड़ा यार्ड में गुरुवार शाम को सीआरएस का स्पेशल वाहन(सैलून) पहुंच गया है। शुक्रवार को वह पहले लिंगा से भंडारकुंड तक ट्राली से निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वापसी में भंडारकुंड से छिंदवाड़ा स्पेशल ट्रेन से आएंगे। स्पीड ट्रायल भी किया जाएगा। सीआरएस यह देखेंगे की इस ब्रॉडगेज बड़ी लाइन पर ट्रेन चलाने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।


एक हफ्ते में सौंपेंगे रिपोर्ट
सीआरएस निरीक्षण के बाद सड़क मार्ग से हैदराबाद वापस लौट जाएंगे। जानकारी के अनुसार लगभग एक हफ्ते में वह अपनी रिपोर्ट सौपेंगे। सब कुछ ठीक रहा तभी भंडारकुंड तक रेल चलाने की अनुमति मिलेगी।

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