सराफा व्यापारी की बेटी ने नाबालिग साथियों के साथ की थी एक्टिवा सवार युवती से लूट

सराफा व्यापारी की बेटी ने नाबालिग साथियों के साथ की थी एक्टिवा सवार युवती से लूट

Krishnapal Singh Chauhan | Publish: Sep, 13 2018 02:03:02 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

कॉलेज छात्रा माता-पिता से विवाद कर दोस्त के घर रहने लगी, खर्चे के रुपए नहीं होने पर रची लूट की साजिश, डॉलर मार्केट व्यापारी से मिली जानकारी के आधार पर धराए चार आरोपी

 

अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में एक वर्ष पूर्व युवती से लूट के मामले में फरार सराफा व्यापारी की बेटी व उसके तीन नाबालिग साथियों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया। एक वर्ष से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी रही। आरोपियों ने लूट के मोबाइल को डॉलर मार्केट के व्यापारी को बेचा। पुलिस वहां तक भी पहुंची लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। पूछताछ में व्यापारी से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। इसके बाद घटना की कड़ी जुड़ती गई। कॉलेज छात्रा और उसके साथियों ने पकड़े जाने के बाद अपना जुर्म कबूला है। सभी ने खर्चे के रुपए नहीं होने पर पुलिस को लूट की साजिश के तहत वारदात करना बताई।

एएसपी मनीष खत्री के मुताबिक १८ जुलाई २०१७ को फरियादी आकांक्षा राठौर निवासी उषा नगर एक्सटेंशन से पर्स लूटने के मामले में कॉलेज छात्रा आरोपी रिध्दी २० पिता दिलीप जैन निवासी मिश्र नगर व उसके तीन नाबालिग साथियों को गिरफ्तार किया है। एक वर्ष से मामले की जांच चल रही थी। लेकिन आरोपियों के हाथ नहीं लगने पर टीआइ सतीश द्विवेदी की टीम तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंच सकी। एसआई तौसिफ अली और उनके साथियों ने पिछले वर्ष लूट के मोबाइल को ट्रेसिंग किया। तब ज्ञात हुआ था की कसरावद में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र के पास उक्त मोबाइल है। टीम मोबाइल बरामद करने पहुंची तब पता चला की उसने उक्त मोबाइल डॉलर मार्केट के व्यापारी आरोपी रवि तलरेजा से खरीदा है। मामले में रवि पर फर्जी बिल ग्राहक को देने व लूट का मोबाइल खरीदने की धारा में केस दर्ज हुआ। इसके बाद जांच की कड़ी टूट गई। पूछताछ में रवि ने अहम जानकारी टीम को दी। जिसके तहत कई माह तक जांच चलती रही।

एेसे धराई

मोबाइल व्यापारी रवि को आरोपी रिध्दी अपनी नाबालिग दोस्त के साथ मोबाइल बेचने पहुंची। तब रवि ने उनसे मोबाइल का बॉक्स और बिल मांगा। दोनों नहीं मिलने पर रवि ने रिध्दी की सहेली से उसका आधार कार्ड मांगा। मोबाइल का सौदा ७.५ हजार में हुआ। लेकिन आधारकार्ड नहीं देने पर व्यापारी ने नाबालिग को साढ़े पांच हजार दे दिए। इस दौरान व्यापारी ने उससे मोबाइल नंबर ले लिया। उक्त नंबर पर व्यापारी ने कई बार फोन भी किए। बाद में वह नंबर बंद हो गया। टीम के एसआई तौसिफ अली ने उक्त नंबर की तकनीकी जांच की। इसमें एक-एक कर सभी आरोपियों को सोशल मीडिया एकाउंट तक पहुंचे। फिर उनकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू की। संदेह के चलते तीन नाबालिग और रिध्दी को पूछताछ के लिए थाने लाए तो सभी पूछताछ में टूट गए। अलग-अलग पूछताछ में सभी ने घटना के संबंध में एक जैसे बयान दिए।

गलती हो गई
टीम ने चार आरोपी से पूछताछ की इस दौरान व्यापारी की बेटी रिध्दी ने कबूला की वारदात के पहले वह माता-पिता से झगड़ कर नाबालिग सहेली के घर रहने चली गई। खर्च के रुपए नहीं होने पर उसने साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। घटना दिनांक को फरियादी आकांक्षा नरेंद्र तिवारी मार्ग से ज्यूस लेकर निकली। तब आरोपी उस पर नजर बनाने लगे। रिध्दी एक स्कूटी पर अपने नाबालिग साथी के साथ थी, वहीं दूसरी स्कूटी पर नाबालिग युवक-युवती। आकांक्षा जैसे ही महालक्ष्मी मंदिर के समीप पहुंची तब आरोपियों ने उसका पर्स छिन लिया जिसमें मोबाइल और केस थे। झूमाझटकी के दौरान लात लगने से वह गिर गई। घायल होने पर उसने दो स्कूटी पर आरोपियों को भागते देखा और थाने पहुंच रिपोर्ट दर्ज करवाई। यह बात कहते हुए सभी आरोपी गलती होने की बात कहने लगे। इस दौरान आरोपियों के परिजनों ने जमकर थाने पर हंगामा किया। रिध्दी ने बताया की वारदात के कुछ दिन बाद वह दोबार घर रहने पहुंची। उसने यह बात अपने माता-पिता को बताई। तब माता-पिता उसे मामले में बचा लेने का विश्वास दिलाते रहे। उसे नहीं पता था की वह एक दिन पकड़ी जाएगी। इसमें एक नाबालिग आरोपी के बारे में पुलिस को पता चला है की उसने बीते वर्ष एरोड्रम थाना क्षेत्र में ५० से अधिक कार के कांच फोडऩे वालों बदमाशों का साथ दिया था। संबंधित प्रकरण में जांच कर रहे है।

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