अस्पताल में नहीं है शव वाहन, दर-दर भटकते बेबस परिजन

ट्रैक्टर और पिकअप के जुगाड़ से ले जाते हैं पीडि़तजन, जिम्मेदार बेसुध

By: Gopal Bajpai

Published: 10 Feb 2018, 08:05 AM IST

सुसनेर. परिवार के किसी सदस्य के दुनिया छोडऩे के बाद दुख में डूबे परिजनों को सामुदायिक स्वास्थ केंद्र्र से शव को ले जाना परेशानी का सबक बना हुआ है। जब भी किसी की मौत होती है तो शव वाहन के नहीं होने से रुपए खर्च कर निजी वाहन का सहारा लेना पड़ता है। निर्धन बेबस परिजन को तो संसाधनों की व्यवस्था नहीं होने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। जिम्मेदारों का भी इस और ध्यान नहीं है। जिसके चलते सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में किसी की मौत होती है तो शव को मुकाम तक ले जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नगर परिषद के पास भी शव वाहन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में क्षेत्रवासियों को इसकी जरूरत पड़ती है तो इधर-उधर ताकना पड़ता है। जब कभी बड़ी दुर्घटना होती है तो मृतकों को घटनास्थल से अस्पताल तक नगर परिषद के कचरा एकत्रित करने वाले ट्रैक्टर-ट्राली वाहन में डालकर लाना पड़ता है, लेकिन आज तक किसी जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार व्यक्ति ने शव वाहन की व्यवस्था के लिए कोई प्रयास नहीं किया।
नगर परिषद के पास शव वाहन की व्यवस्था नहीं है। नगर परिषद की बैठक में प्रस्ताव तैयार कर शासन से इसकी मांग की जाएगी। ताकि मृतक के परिजनों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ओपी नागर, सीएमओ नगर परिषद, सुसनेर
शव वाहन की व्यवस्था नगरीय प्रशासन की होती है। अस्पताल की नहीं। स्थानीय नगर परिषद के पास व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में परिषद के जिम्मेदारों को अवगत कराया जाएगा।
डॉ. बीबी पाटीदार, बीएमओ सुसनेर
नेशनल लोक अदालत का आज होगा आयोजन
सुसनेर. नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनाक 10 फरवरी को होगा। इसमें न्यायालय, राजस्व विभाग , विद्युत मण्डल, नगर परिषद, सहकारी बैंक सहीत अन्य विभागों में चल रहे प्रकरणों का आपसी निराकरण किया जाएगा। वही नशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिये विधिक सेवा समिति के माध्यम व संबधित विभागों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने के संबंध में निर्देश जारी कर दिये गये। उक्त जाानकारी एसडीएम के एल यादव ने दी।

Gopal Bajpai Editorial Incharge
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