मोबाइल पर बात करने से रोका तो डॉक्टर को पड़ गया महंगा

मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीज से मिलने आए परिजनों ने जमकर हंगामा मचा दिया। पहले तो गार्ड के साथ झूमाझपटी कर उसके साथ मारपीट की और जब एक डॉक्टर बीच बचाव करने आए

By: Ashish Sikarwar

Published: 10 Apr 2019, 10:00 AM IST

आगर-मालवा. मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीज से मिलने आए परिजनों ने जमकर हंगामा मचा दिया। पहले तो गार्ड के साथ झूमाझपटी कर उसके साथ मारपीट की और जब एक डॉक्टर बीच बचाव करने आए तो हंगामा कर रहे लोगों ने डॉक्टर के साथ भी बदïसलूकी करते हुए हाथापाई चालू कर दी। सुरक्षाकर्मियों तथा चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियो ने हंगामा कर रहे लोगों को पकडऩे का प्रयास किया तो ४ युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गए, बाकी मौके से फरार हो गए। घटनाक्रम से आहत हुए डॉक्टरों सहित पूरा अस्पताल स्टॉफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया। इसके कारण सुबह से शाम तक अस्पताल में कोई कामकाज नहीं हुआ। शाम ५ बजे बाद अस्पताल में कामकाज आरंभ हुआ। इस दौरान मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गत् दिवस फूड प्वॉयजनिंग के एक मामले में करीब १२ लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। इनसे मिलने आने वाले लोगों की संख्या निरंतर बढ़ती ही जा रही थी। मंगलवार दोपहर १२ बजे भी कुछ इसी तरह की स्थिति वार्ड में निर्मित हुई। इन मरीजों से मिलने आए दर्जनों लोग जोर-जोर से बातचीत कर शोरगुल कर रहे थे। कुछ लोग मोबाइल पर बात कर रहे थे। इससे अन्य मरीजों को काफी असुविधा हो रही थी। मरीजों की असुविधा को देखते हुए वहां तैनात कैलाश नामक सुरक्षाकर्मी ने उनसे अनुरोध किया कि आप लोग बाहर जाकर मोबाइल पर बात करें लेकिन सभी ने सुरक्षाकर्मी की बात को अनसुना कर दिया। तब सुरक्षाकर्मी ने सभी को बाहर जाने का कह दिया। इस बात को लेकर भीड़ में मौजूद १०-१२ युवक इतने अधिक आक्रोशित हो गए कि उन्होंने सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट आरंभ कर दी।
सुरक्षाकर्मी दौड़ता हुआ ओपीडी में मरीज देख रहे डॉक्टरों की ओर भागा। जैसे ही कक्ष क्रमांक ६ के सामने सुरक्षाकर्मी ने गुहार लगाई तो वहां मौजूद नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. शशांक सक्सेना बीच बचाव करने के लिए पहुंचे। हंगामा कर रहे युवकों ने यहां डॉक्टर को भी नही ंबक्शा और उनके साथ भी बदï्सलूकी करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। हंगामा देख ओपीडी से अन्य डॉक्टर भागे और उन्होंने बीच बचाव किया। इस दौरान अस्पताल में तैनात अन्य सुरक्षाकर्मी व चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी भी मौके पर आ गए। जैसे ही हंगामा कर रहे लोगों को पकडऩे की कोशिश की गई तो उनमें से अधिकांश भागने में सफल हो गए। वहीं अमीर पिता रमजान खॉ, अबरार पिता रमजान खॉन, रमजान पिता उस्मान खॉन निवासी पुरासाहब नगर व शकील पिता शफी खॉ निवासी जैथल नाला उज्जैन पुलिस के हत्थे चढ़ गए और चारों को पकड़कर एक कमरे में कैद कर दिया। कोतवाली थाने से पुलिस के आने पर चारों को पुलिस के सुपुर्द किया गया।
स्वास्थ्यकर्मियों ने किया कामकाज ठप
जिला अस्पताल में आए दिन डॉक्टरो व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ घटित हो रहे घटनाक्रम से आहत हुए स्वास्थ्यकर्मियों का सब्र मंगलवार को टूट गया। घटनाक्रम के विरोध में सभी स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ डॉक्टरों ने भी कामकाज बंद कर दिया। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गए। अचानक ठप हुई व्यवस्था के कारण सामान्य मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वास्थ्यकर्मियों का विरोध शाम ५ बजे तक जारी रहा। ऐसी दशा में दोपहर १२ बजे से ५ बजे के बीच कोई कार्य नहीं किया गया जिससे अनेक मरीज परेशान होते रहे।
एसडीओपी व टीआई ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओपी एसआर पाटीदार एवं कोतवाली थाना प्रभारी अजीत तिवारी मौके पर पहुंचे और डॉक्टरों से घटनाक्रम की जानकारी ली। एसडीओपी ने डॉक्टरो को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और मौके से फरार हुए आरोपियो की तलाश में पुलिसबल को रवाना करते हुए पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियो को तत्काल शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर एसडीएम के समक्ष पेश किया जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद डॉ शशांक सक्सेना के आवेदन पर आरोपियों के विरूद्ध शासकीय कार्य में बाधा, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट, बलवा आदि धाराओ में प्रकरण दर्ज किया गया। तब अस्पताल में शाम ५ बजे बाद कामकाज आरंभ हुआ।
3 दिन से हो रहे थे सभी परेशान
स्वास्थ्यकर्मियो ने पुलिस को बताया कि ७ अप्रैल की रात को फूड प्वॉयजनिंग के प्रकरण मे करीब १२-१३ लोग भर्ती किए गए थे लेकिन इनसे मिलने के लिए सैकड़ों की संख्या में मिलने वाले आने लगे जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थी। सभी लोग इतना शोरगुल कर रहे थे कि अन्य मरीज परेशान हो रहे थे।
दूल्हा व उसके पिता भी गए जेल
अमीर पिता रमजान की शादी के दौरान ही यह फूड प्वॉयजनिंग का मामला घटित हुआ था और मंगलवार को हंगामा भी इन लोगों ने ही किया। दूल्हा अजीर व उसके पिता रमजान भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए जिन्हें जेल भेजा गया।
कर्मचारी करते रहे सुरक्षा की मांग
नए जिला अस्पताल भवन के संचालन के कुछ ही दिनों में करीब आधा दर्जन से अधिक विवादित घटनाएं घटित हो चुकी है। इन घटनाओं को लेकर कर्मचारियों में खासा आक्रोश देखा गया। कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में स्थापित पुलिस चौकी पर प्रभावशाली पुलिसकर्मियों को तैनात करने की भी मांग रखी। धरने पर बैठे कर्मचारियों को समझाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तहसीलदार सरिता लाल भी मौके पर पहुंची लेकिन डॉक्टर एवं कर्मचारी कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। जब पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत् प्रकरण दर्ज किया तब कर्मचारियों ने धरना स्थगित किया और काम पर लौटे।
जिला अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी स्थापित है। आज भी तत्काल वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभाल लिया था। मौके से शांतिभंग के आरोप में ४ लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनको एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेजा गया है। वहीं डॉक्टर के आवेदन पर आरोपियों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा व मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
अजीत तिवारी, कोतवाली थाना प्रभारी

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