मुंडेरविहीन कुएं व खुले बोरवेल से घर के चिराग बुझने का खतरा, हादसों को दे रहे न्योता

ग्राम निपानिया में दर्दनाक हादसे के बाद भी जवाबदार नहीं चेते

By: Lalit Saxena

Published: 13 Mar 2018, 08:04 AM IST

आगर-मालवा. जिले के सैकड़ों गांवों में मौजूद बिना मुंढेर के कुएं एवं खुले बोरवेल गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। फरवरी २०१५ में आगर के समीप स्थित ग्राम निपानिया में घटित हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी अब तक जवाबदारों ने इस संबंध में कोई ध्यान नहीं दिया। जिले में कई स्थानों पर खुलेआम ऐसे कुएं देखे जा सकते हैं जो की खुलेआम देवास जैसी घटनाओं को भी आमंत्रित करते हुए नजर आ रहे हैं।
आगर विकासखंड में ३२ पटवारी हलके हैं और बड़ौद में ४५। दोनों ही विकासखंड के पटवारियों को संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने हलके में मौजूद कुएं एवं ट्यूबवेल की सूची बनाने के साथ-साथ वंछित जानकारी युक्त सूचना पटल लगवाने के दिशा-निर्देश कई बार दिए जा चुके हैं।
इसके लिए समयावधि भी निर्धारित की जाती है लेकिन कई बार समाप्त हो चुकी इस समयावधि के बावजूद पटवारियों न तो सूची तैयार की गई और न ही कोई सुधार धरातल पर दिखाई दे रहा है। कई गांवों में सड़क किनारे मुंढेरविहीन कुएं नजर आते हंै तो कई स्थानों पर खुले बोरवेल हादसों को आमत्रित करते हुए दिखाई देते हैं।
इन गांवों में दिखाई देती है बदहाल स्थिति
जिले में कई गांवों में खुले बोरवेल तथा मुंढेरविहिन कुएं खुलेआम हादसों को दावत देते हुए नजर आते है। आगर-सारंगपुर मार्ग पर आगर एवं कानड़ के बीच ऐसे कई नजारे सड़क के आस-पास दिखाई देते हैं। ग्राम कुंडलाखेड़ा, महुडिय़ा, मोयाखेड़ा, चिकली आदि गांवो में भी हालात एेसी ही हैं। इसी प्रकार बड़ौद विकासखंड के ग्राम झोंटा, कुलमढ़ी, बीजानगरी, जयसिंहपुरा, कांगनीखेड़ा आदि गांवों में भी बगैर मुंढ़ेर वाले कुएं नजर आते हैं।
दिए जाएंगे सख्त निर्देश
कलेक्टर अजय गुप्ता ने पत्रिका से चर्चा के दौरान बताया कि बिना मुंढेर वाले कुएं एवं खुले ट्यूबवेल के संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा सभी जनपद सीईओ को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। यदि शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक कुआ या ट्यूबवेल हैं तो उसे नगर पालिका तत्काल व्यवस्थित करंे। ग्रामीण क्षेत्र में हैं तो ग्राम पंचायत व्यवस्था करें और किसी का व्यक्तिगत कुआ तथा ट्यूबवेल है तो सभी जवाबदारियां संबंधित की रहती है। हादसा होने की दशा में संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने साथ ही किसानों से भी अपील की है कि कपीलधारा व अन्य योजनाओं के तहत खोदे गए कुए की मुंढेर तैयार कर लें। मुंढेर न होने की दशा में वैकल्पिक रूप से कुएं के आस-पास कांटे, बांस, बल्ली लगाकर उसे सुरक्षित कर लें।

Lalit Saxena
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