सरकार के इस आदेश से लाभान्वित होंगे हजारों लोग, देखें आपका नाम है या नहीं

सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य की दुकान में व्याप्त गड़बडिय़ों व विक्रेताओं की मनमानी व हितग्राहियों से लगातार मिल रही शिकायत के बाद पीओएस मशीन को अपग्रेड किया गया है।

By: Ashish Sikarwar

Published: 07 Jul 2019, 10:00 AM IST

मुकेश हरदेनिया. सुसनेर
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य की दुकान में व्याप्त गड़बडिय़ों व विक्रेताओं की मनमानी व हितग्राहियों से लगातार मिल रही शिकायत के बाद पीओएस मशीन को अपग्रेड किया गया है। अब इसे सर्वर से जोड़ा जा रहा है। मशीनों के सर्वर से जुडऩे के बाद सीधे भोपाल से मॉनीटरिंग होगी।
नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में राशन दुकान संचालक तकनीकी खामियां बताकर अब गरीबों के हक पर डाका नहीं डाल पाएंगे। मप्र के 18 जिलों में यह व्यवस्था लागू की गई है। इसमें आगर जिला भी शामिल है। शासन द्वारा पीओएस मशीन के माध्यम से राशन वितरण की व्यवस्था करने के बाद व्यवस्था में सुधार तो हुआ है किंतु कई तरह की परेशानी बताकर हितग्राहियों को राशन से वंचित किया जाता है। इसी व्यवस्था में सुधार के लिए अब मशीन को अपग्रेड किया गया है।
दुकानें खुली या बंद सबकुछ दिखेगा
मौजूदा सर्वर को अपडेट किया गया है। इसके माध्यम से सैटेलाइट से दुकान पर नजर रखी जाएगी। इस बात की भी निगरानी की होगी कि राशन खुली है या बंद। इस पर नियंत्रण करने के लिए भोपाल से खाद्य विभाग निगरानी करेगा। दुकान विक्रेताओं व जिम्मेदारों की अनदेखी की लगातार शिकायतें मिल रही थी कि हितग्राहियों को समय पर राशन नहीं दिया जा रहा था। इसी कारण सर्वर को अपग्रेड करके ऑनलाइन से जोड़कर नजर रखी जाएगी।
जिले में कहीं से भी ले सकता है राशन
इस अपग्रेडेशन के बाद उपभोक्ता अब जिले की किसी दुकान पर जाकर राशन प्राप्त कर सकता है। पूर्व में यह व्यवस्था थी कि राशन के लिए उसे उसी दुकान पर पहुचाना पड़ता था, जहां उसका नाम दर्ज है। इस व्यवस्था के बाद अब अन्य स्थान पर चले जाने वाले लोगों की परेशानी दूर होगी।
देवास जिले में सफल प्रयोग के बाद लिया निर्णय-राशन दुकान पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सर्वर को अपग्रेड कर सैटेलाईट से नजर रखने का प्रयोग देवास जिले में किया गया था। प्रयोग सफल होने के बाद अब इसे 18 जिले में लागू किया गया है। इसके बाद इसे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। सैटेलाइट से दुकान कब खुली, कब बंद हुई और कितने हितग्राहियों को आंवटन मिला इस बात की भी पुख्ता जानकारी का पता चल जाएगा।
इस तरह की समस्याओं से दो-चार हो रहे उपभोक्ता-सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर पूर्व से ही पीओएस मशीन का उपयोग शुरू हुआ हो चुका है। इससे दुकानदार राशन की दुकान पर से राशन वितरण किया जा रहा है एवं सभी कार्य एवं जानकारी ऑनलाइन हो गए हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान उपभोक्ताओं व शासन को हो रहा है। वह यह है कि लीज संस्था व नागरिक आपूर्ति निगम से दुकानदारों को उठाव तो सूची के मुताबिक हो रहा है पर प्रत्येक माह राशन की दुकान पर कई उपभोक्ताओं के नाम कट रहे हैं। किसी के अंगूठे के निशान नहीं आ रहे हैं जैसी खामियां बताकर दुकानदार हितग्राही को राशन नहीं देता।
देवास जिले में सफल प्रयोग के बाद मप्र के 18 जिले में पीओएस मशीन को अपग्रेड किया है। इसमें आगर जिला भी शामिल है। इस अपग्रेडेशन से राशन वितरण की व्यवस्था में और भी पारदर्शिता आएगी।
योगेश राणावत, फूड ऑफिसर खाद्य विभाग, नलखेड़ा

Ashish Sikarwar
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